

Nagpur Medical Hospital: अस्पताल परिसर में खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाली कैंटीन और उपाहार गृहों के लाइसेंस की जांच के लिए मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने अभियान शुरू किया है। मेयो अस्पताल की कैंटीन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई के बाद अब मेडिकल अस्पताल में भी कैंटीनों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान एक्स-रे विभाग के पास संचालित एक कैंटीन के पास खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने कैंटीन बंद करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, जरूरी लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
नागपुर मेडिकल अस्पताल के विभिन्न विभागों के आसपास मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए कई कैंटीन संचालित हैं। इनमें एक्स-रे विभाग के पास डॉक्टरों के लिए हाल ही में शुरू की गई कैंटीन भी शामिल थी।
एक कैंटीन पर कार्रवाई के बाद अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर महिलाओं द्वारा संचालित दो छोटी कैंटीनों के लाइसेंस की भी जांच की गई। प्रशासन के अनुसार, इन दोनों जगहों पर भी लाइसेंस से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात सामने आई है।
संबंधित संचालकों को आवश्यक लाइसेंस लेने के निर्देश दिए जाएंगे। नियमों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मेडिकल अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
प्रशासन ने बताया कि साउथ इंडियन सोसाइटी द्वारा संचालित कैंटीन के पास आवश्यक लाइसेंस मौजूद है।
वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा कि एक कैंटीन के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं होने के कारण उसे बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। लाइसेंस मिलने के बाद ही इसे दोबारा शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अन्य दो छोटी कैंटीनों की भी जांच की गई है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिसर में मरीजों और नागरिकों को सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंटीनों के लाइसेंस और संबंधित प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।