Election Commission Guidelines: पूरे देश में SIR की प्रक्रिया में खामियों के विरोध में बवाल मचा हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में तीव्र आंदोलन चल रहे हैं। इसके चलते चुनाव आयोग को जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए हैं उन्हें नाम शामिल करने के लिए कड़े निर्देश जारी किये हैं।
एक निर्देश यह है कि बीएलओ खुद घर-घर जाकर डॉक्यूमेंट्स ले जाएंगे, लेकिन नागपुर में इस निर्देश का बीएलओ द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है। लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है कि वे फला स्कूल या मंदिर परिसर या सार्वजनिक स्थल पर आकर अपना डॉक्यूमेंट्स दे जाएं।
यह भी चेतावनी दी जा रही है कि जो डॉक्यूमेंट्स देकर जाएंगे उन्हें नोटिस व सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतवारी गांधीबाग इलाके के कुछ नागरिकों ने बताया कि उन्होंने पहली ही बार में सारे सही डॉक्यूमेंट्स दिये थे लेकिन सूची में जो नाम आया है उसमें काफी त्रुटियां हैं।
कहीं पिता का नाम आगे है तो कहीं स्पेलिंग मिस्टेक है। सवाल यह है कि सूची में इस तरह की गलतियां बीएलओ या सिस्टम द्वारा कैसे की गई। अब उनकी गलती को सुधारने के लिए फिर उन्हें दोबारा चक्कर मारना पड़ेगा। बीएलओ को जब निर्देश हैं कि उन्हें लोगों के घरों में जाकर डॉक्यूमेंट्स लेना है तो वे फिर अपने कार्य में कोताही बरत रहे हैं।
एक नागरिक ने बताया कि उन्हें क्षेत्र के बीएलओ का मैसेज आया कि आपके नाम में हुई त्रुटि डायरेक्ट बूथ लेवल ऑफिसर के एप से ही ठीक हो सकती है। इसलिए अपना डॉक्यूमेंट देकर जाएं, फिर सुनवाई की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।
डॉक्यूमेंट देने के लिए 3 अक्टूबर को दोपहर 12 से 2 बजे तक राजकुमार केवलरामानी स्कूल में बुलाया गया और केवल 2 घंटे का समय दिया गया। दक्षिण नागुपर में भी ऐसा ही रवैया चल रहा है।
एक नागरिक ने बताया कि उसका नाम पिता के नाम व सरनेम के साथ सही लिखा गया है लेकिन पिता के नाम वाले कॉलम में पिता का नाम ही गलत कर दिया गया। पहले सही फिर नीचे गलत नाम कैसे किया गया, यह तो लापरवाही की हद है। अब उन्हें दोबारा नाम सुधरवाने के लिए प्रक्रिया करनी होगी।
उधर महाराष्ट्र में जारी एसआईआर के तहत 'नो मैपिंग' या 'तार्किक विसंगति' श्रेणियों में सुनवाई के लिए नोटिस पाने वाले मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होने की जानकारी आयोग की ओर से दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि बीएलओ नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर जाएंगे और जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे, चुनाव आयोग के सुधारित निर्देशों के अनुसार, मतदाता जरूरी दस्तावेज या सबूत संबंधित बीएलओ को वाट्सएप के जरिए भी भेज सकते हैं।
ऐसे में कुछ बीएलओ मतदाताओं को कुछ निर्धारित स्थान पर निर्धारित समय के लिए बुलाने के मैसेज डाल रहे हैं। नागरिकों ने जिला चुनाव अधिकारी से इसका संज्ञान लेने की मांग की है।