

Asian Scenario on Infrastructural Development: नागपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी देश या क्षेत्र का विकास मजबूत बुनियादी ढांचे पर ही निर्भर करता है। जब तक बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होगा तब तक निवेश नहीं आएगा।
बिना निवेश के रोजगार के अवसर पैदा नहीं होंगे और बिना रोजगार के गरीबी का उन्मूलन संभव नहीं है। यही कारण है कि देश के समग्र विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नितिन गडकरी 'इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट' (आईसीआई) द्वारा आयोजित 'एशियन सिनेरियो ऑन इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट' विषय पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
नितिन गडकरी ने कहा कि नागपुर भारत का मध्यवर्ती (सेंट्रल) स्थान है, इसलिए एशिया में बुनियादी ढांचे के भविष्य पर मंथन और चर्चा करने के लिए यह सबसे उपयुक्त स्थल है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक ही विकास का असली आधार है और नवाचार ही आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने उपस्थित विशेषज्ञों और इंजीनियरों से टिकाऊ, मजबूत और किफायती इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर जिले के बुनियादी ढांचे का उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर के इंदौरा चौक से दिघोरी चौक के बीच बने 9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में अल्ट्रा हाई परफार्मेस रीइंफोर्समेंट कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) तकनीक का उपयोग किया गया है।
इस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का नतीजा यह हुआ कि जहां पहले इस दूरी को तय करने में 50 मिनट का समय लगता था, अब वह सफर महज 10 मिनट में पूरा हो जाता है। साथ ही इसके बनने से पूर्वी और उत्तरी नागपुर के बीच सिग्नल-मुक्त आवाजाही संभव हो सकी है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के मंच पर आईसीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी. रामचंद्र, सिडनी से 'इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर स्ट्रक्चरल कंक्रीट' के स्टीफन फोस्टे, मनोनीत अध्यक्ष मनोज नवलकर और महासचिव राधाकृष्णन उपस्थित थे।
नितिन गडकरी ने बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है और आने वाले समय में पूरे एशिया में इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग मुख्य रूप से कंक्रीट पर आधारित होगी।
फ्लाई ऐश, स्लैग और रिसाइकिल्ड एग्रीगेट्स का उपयोग करके 'ग्रीन कंक्रीट' तैयार किया जा रहा है, जिससे 'कचरे से समृद्धि' के सपने को साकार किया जा रहा है। प्रीकास्ट कंक्रीट और जीएफआरपी जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से निर्माण कार्य की गति में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो रही है।