Sevagram Station Yard Remodeling: मध्य रेल, नागपुर मंडल के सेवाग्राम स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का जटिल काम सफलतापूर्वक किया गया। रविवार को यार्ड रिमॉडलिंग के तहत क्योसान (KYOSAN) आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कमीशनिंग किया। यह कार्य तीसरी एवं चौथी लाइन परियोजना तथा आधुनिक सिग्नलिंग विकास के अंतर्गत संपन्न किया गया।
इस परियोजना के तहत 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग (PI) प्रणाली को हटाकर नवीनतम डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इससे स्टेशन पर उपलब्ध इनडोर एवं आउटडोर सिग्नल एवं दूरसंचार उपकरणों की विश्वसनीयता, सुरक्षा तथा परिचालन दक्षता में काफी वृद्धि हुई है। मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ स्वप्निल नीला के अनुसार यार्ड रि-मॉडलिंग कार्य के दौरान सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु 2 ग्राउंड फ्रेम (GF) पॉइंट्स को समाप्त किया गया है, जिससे परिचालन संबंधी जोखिमों में कमी आएगी तथा ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु होगा। यातायात सुविधाओं के विस्तार एवं परिचालन क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से अतिरिक्त यूडीएल-1 (UDL-1) एवं यूडीएल-3 (UDL-3) लाइनों का प्रावधान किया गया है। इससे यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन में अधिक आसानी और सुविधाजनक होगी।
इस कार्य के फलस्वरूप विभिन्न लाइनों की क्रॉसिंग स्टेशनों पर उपलब्ध उपयोगी लंबाई (CSR) में भी वृद्धि हुई है। अप लूप लाइन की CSR क्षमता 705 मीटर से बढ़कर 780.181 मीटर हो गई है, जो 75.181 मीटर की वृद्धि है। डाउन मेन लाइन की CSR क्षमता 585 मीटर से बढ़कर 926.212 मीटर हो गई है, जिसमें 342.212 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
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इसी प्रकार एक अन्य अप लूप लाइन की CSR क्षमता 698 मीटर से बढ़कर 780 मीटर हो गई है। अप/डाउन कॉमन लूप लाइन की CSR क्षमता 854 मीटर तथा डाउन लूप लाइन की CSR क्षमता 835.902 मीटर तक बढ़ाई गई है। यार्ड के इस आधुनिकीकरण एवं उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली के लागू होने से लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा के साथ क्षमता में वृद्धि होगी। भविष्य में बढ़ते रेल यातायात की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।