Central Railway: नागपुर मंडल की परिचालन क्षमता बढ़ी, तडाली जंक्शन पर प्रमुख यार्ड रिमॉडलिंग पूरा

Central Railway Nagpur Project: मध्य रेल नागपुर मंडल ने तडाली जंक्शन पर तीसरी लाइन परियोजना अंतर्गत प्रमुख यार्ड रिमॉडलिंग सफलतापूर्वक पूरी की, जिससे ट्रेन परिचालन क्षमता और सुरक्षा में वृद्धि हुई।
Central Railway Nagpur Project: मध्य रेल नागपुर मंडल ने तडाली जंक्शन पर तीसरी लाइन परियोजना अंतर्गत प्रमुख यार्ड रिमॉडलिंग सफलतापूर्वक पूरी की, जिससे ट्रेन परिचालन क्षमता और सुरक्षा में वृद्धि हुई।
तडाली जंक्शन पर प्रमुख यार्ड रिमॉडलिंग पूरा (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Railway: मध्य रेल नागपुर मंडल द्वारा नागपुर-बल्लारशाह सेक्शन में तडाली जंक्शन पर तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत प्रमुख यार्ड रिमॉडलिंग पूरा किया गया। इस कार्य के तहत 248 रूटों वाले अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली का कमीशनिंग किया गया है। इससे ट्रेन परिचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं दक्षता में बेहतर सुधार होगा।

नई ईआई प्रणाली के कमीशनिंग के साथ ही पूर्व की एंड केबिन (ए व बी केबिन) आधारित परिचालन व्यवस्था को समाप्त कर केंद्रीकृत विजुअल डिस्प्ले यूनिट (वीडीयू) आधारित संचालन प्रणाली लागू की गई है। साथ ही 3 मालगाड़ियों की लाइनों की पूर्ण लंबाई तक ट्रैक सर्किटिंग (सीएसआर) की गई। इससे लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी।

दोनों ओर से हो सकेगी मालगाड़ी की एंट्री

यार्ड रिमॉडलिंग के अंतर्गत पूर्व की स्पर लाइन गुड्स लाइन–4 में पहले केवल एक दिशा से प्रवेश संभव था लेकिन अब इसे दोनों दिशाओं से प्रवेश एवं निकास योग्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 750 मीटर लंबी नई गुड्स लाइन–5 का कमीशनिंग किया गया है। इससे लोडिंग क्षमता और परिचालन लचीलापन काफी बढ़ गया है।

अब तडाली यार्ड की सभी पांचों गुड्स लाइनें पूर्णतः द्विदिशीय हो गई हैं जिससे यार्ड थ्रूपुट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ज्ञात हो कि यहां 17 वर्ष पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को हटाकर नवीनतम ईआई तकनीक स्थापित की गई है। इससे सुरक्षा मानकों एवं प्रणाली की विश्वसनीयता में सुधार हुआ है।

गुड्स–4 में मौजूद 2 दोषपूर्ण लेआउट को भी दुरुस्त कर हटाया गया है। ट्रैक संबंधी कार्यों में नए ईआई भवन का निर्माण एवं कमीशनिंग, अनावश्यक गेट जॉइंट्स, ओएचई एवं पुराने सिग्नल फाउंडेशन को हटाना, नए टर्नआउट्स का प्रावधान, डिरेलिंग स्विच की व्यवस्था तथा 600 मीटर सतत ट्रैक नवीनीकरण एवं ट्रैक स्ल्यूइंग का कार्य शामिल है।

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