सभापति मंगला खेकरे और आपली बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

नागपुर मनपा परिवहन समिति के सभापति की कुर्सी पर खतरा, तानाशाही से झल्लाए BJP सदस्यों ने ही की बगावत

Nagpur Municipal Corporation News: नागपुर मनपा की परिवहन समिति में सभापति मंगला खेकरे की कथित तानाशाही से तंग आकर विपक्ष नहीं, बल्कि सत्ताधारी BJP के अपने ही 8 सदस्यों ने बगावत का झंडा बुलंद किया है।

वेदांत जोशी

Mangala Khekare Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका की परिवहन समिति में मंगलवार को उस समय बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब सभापति मंगला खेकरे के कथित मनमाने रवैये के विरोध में सत्ताधारी भाजपा समेत विभिन्न दलों के सदस्यों ने महत्वपूर्ण बैठक का बहिष्कार कर दिया।

सदस्यों के अनुपस्थित रहने से बैठक का कोरम पूरा नहीं हो सका और आखिरकार सभापति को बैठक रद्द करनी पड़ी।

सदस्यों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप

मनपा परिवहन समिति में कुल 12 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 8, कांग्रेस के 2, एआईएमआईएम का 1 और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का 1 सदस्य शामिल है। नाराज सदस्यों का आरोप है कि समिति के कामकाज में उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है और कई फैसले उनकी राय लिए बिना लिए जाते हैं।

कुछ सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि उन्हें केवल औपचारिक तौर पर सदस्य बनाकर रखा गया है। नए बस मार्गों के निरीक्षण से लेकर बसों की जांच तक के मामलों में उनकी राय नहीं ली जाती। सदस्यों का दावा है कि समिति की कार्यप्रणाली में सामूहिक निर्णय की जगह एकतरफा फैसलों का प्रभाव बढ़ गया है।

निरीक्षण को लेकर भी उठे सवाल

सूत्रों के मुताबिक पिछले करीब तीन महीनों से सभापति की कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में नाराजगी बढ़ रही है। हिंगना, वाड़ी और कोराडी डिपो के दौरे के अलावा वर्कशॉप निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नाराज सदस्यों का दावा है कि ऐसे निरीक्षणों के दौरान समिति के अन्य सदस्यों को साथ नहीं लिया जाता।

इसी नाराजगी के बीच मनपा गलियारों में अब अविश्वास प्रस्ताव की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई औपचारिक प्रस्ताव सामने नहीं आया है।

भाजपा सदस्यों की बगावत ने बढ़ाया दबाव

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे अहम बात यह है कि विरोध की अगुवाई सत्ताधारी भाजपा के ही 8 सदस्य कर रहे हैं। उन्हें कांग्रेस और एआईएमआईएम के सदस्यों का भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में यह मामला महज विपक्ष के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समिति के भीतर व्यापक असंतोष का संकेत दे रहा है।

मंगलवार की बैठक नहीं होने से परिवहन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय अटक गए। इसका असर आगे की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।

यात्रियों और कर्मचारियों पर असर की आशंका

नागपुर मनपा की आपली बस सेवा के जरिए रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। परिवहन विभाग पहले से ही वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में समिति के भीतर बढ़ता विवाद और प्रशासनिक गतिरोध यदि लंबा खिंचता है, तो इसका असर बस सेवा, परिवहन कर्मचारियों और आम यात्रियों पर पड़ने की आशंका है। अब नजर इस बात पर है कि सभापति और नाराज सदस्यों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए मनपा स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Explainer: नेपाल में अचानक क्यों आई भारी तबाही, क्या है वो असली वजह; जिसने तबाह की सैकड़ों जिंदगियां

नेपाल में जलप्रलय से यूपी-बिहार पर आफत, सरकार ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, इन जिलों में तबाही का हाई अलर्ट

कर्नाटक वाल्मीकि निगम मामले में घिरे नागेंद्र, BJP ने बनाया दबाव, इस्तीफे की अटकलों पर खुद दिया जवाब

जिनेवा में भारत का करारा जवाब, आखिर किस UN रिपोर्ट पर भड़का विदेश मंत्रालय? वैश्विक मंच पर दी सख्त चेतावनी

Indigo Flight 6E231 में बम की धमकी से हड़कंप, बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग, जांच में निकली अफवाह