Nagpur Fake Doctor Raids: नागपुर शहर में नागरिकों को सुरक्षित और अधिकृत चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने तथा अवैध चिकित्सा व्यवसाय पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए महानगर पालिका ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। महापौर नीता ठाकरे के कड़े निर्देशों के बाद शहर में संदिग्ध बोगस डॉक्टरों की तलाश करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने विशेष छापेमारी दस्ते सक्रिय कर दिए हैं।
मनपा की आम सभा में महापौर की उपस्थिति में दिए गए निर्देशों के अनुसार और जिलाधिकारी कार्यालय के दिशा-निर्देश के तहत मनपा स्तरीय विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जोनल चिकित्सा अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक, फार्मासिस्ट (औषध निर्माण अधिकारी), पुलिस निरीक्षक/पुलिस दस्ता और अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है ताकि कार्रवाई को कानूनी रूप से पुख्ता बनाया जा सके।
इसके साथ ही मनपा के अतिरिक्त आयुक्त के मार्गदर्शन में विशेष छापेमारी दस्तों की नियुक्ति की गई है। इन दस्तों में संबंधित जोन के जोनल चिकित्सा अधिकारी और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों को शामिल किया गया है जो जोन के अनुसार संदिग्ध क्लीनिकों व दवाखानों की सघन जांच करेंगे और नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
सरकारी आदेशानुसार ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसके पास सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सा विज्ञान की डिग्री या डिप्लोमा नहीं है और जो संबंधित वैधानिक
मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं है, उसे 'बोगस' या अवैध डॉक्टर माना जाएगा। इसके अलावा जो लोग मान्यता प्राप्त चिकित्सा प्रणालियों से हटकर गैर- मान्यता प्राप्त व अवैज्ञानिक उपचार पद्धतियों का उपयोग कर रहे हैं, उनकी भी गहन जांच की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए संबंधित परिषदों जैसे महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एलोपैथी), महाराष्ट्र होम्योपैथी काउंसिल, महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद (आयुर्वेद और यूनानी) या महाराष्ट्र डेंटल काउंसिल (दंत चिकित्सा) में पंजीकरण होना अनिवार्य है।
इस सघन जांच अभियान को लेकर महापौर ने कड़े शब्दों में कहा कि जिलाधिकारी कार्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार जोन स्तर पर संदिग्ध बोगस डॉक्टरों की खोज कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मैं नागरिकों से भी अपील करती हूं कि वे ऐसे अवैध व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों के बारे में संबंधित एजेंसियों को जानकारी दें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
सभी जोनल चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में संदिग्ध डॉक्टरों की तलाश करें और नागरिकों की तरफ से मिलने वाली शिकायतों का तुरंत संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई करें। जोन स्तर पर इन विशेष दस्तों द्वारा नियमित जाच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बोगस डॉक्टरों के खिलाफ बेझिझक शिकायत करें।
इसके लिए नागरिक राज्य स्तरीय शिकायत निवारण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 104 या जिलाधिकारी कार्यालय के आधिकारिक चैटर्बोट (Chatbot) नंबर 8669494944 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी मनपा के सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) के परिसरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।