न्यू नागपुर प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नया नागपुर प्रोजेक्ट: किसान धनराज आष्टनकर को मिला 12 करोड़ का मुआवजा, सही निवेश कर खरीदी 8 गुना ज्यादा जमीन

New Nagpur Project: नया नागपुर परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान धनराज आष्टनकर को 12 करोड़ का मुआवजा मिला। उन्होंने इस राशि से वर्धा में 40 एकड़ उपजाऊ जमीन और बूटीबोरी में कमर्शियल प्लॉट खरीदा।

रूपम सिंह

New Nagpur Project NMRDA Dhanraj Ashtankar: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जारी है। इसी बीच नया नागपुर के लिए गोधनी (रिठी) क्षेत्र से समृद्धि और समझदारी की एक ऐसी अनूठी कहानी सामने आई है जो अन्य परियोजना प्रभावित किसानों के लिए एक मिशाल बन गई है। गोधनी (रिठी) क्षेत्र के स्थानीय जागरूक किसान धनराज आष्टनकर ने नया नागपुर परियोजना के लिए अपनी जमीन ख़ुशी खुशी दे दी और इसके बदले में मिले सरकारी मुआवजे का ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला कि आज वे एक नए 'जमींदार' और सफल निवेशक के रूप में देखे जे रहे हैं। किसान धनराज आष्टनकर अपने इस प्रयासों के लिए काफी चर्चा में हैं।

नया नागपुर परियोजना के लिए नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) द्वारा धनराज आष्टनकर की पौने पांच एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। एनएमआरडीए की पारदर्शी नीति के तहत किसान आष्टनकर को इसके एवज में 12 करोड़ की भारी भरकम मुआवजा राशि मिली। आमतौर पर इतनी बड़ी रकम हाथ में आते ही लोग महंगी गाड़ियां,

शौक मौज अथवा फिजूलखर्ची में पैसा उड़ा देते हैं लेकिन धनराज ने अपनी जड़ों को मजबूत करना चुना। उन्होंने इस पूरी रकम को अपनी भविष्य की पीढ़ियों के लिए 'योग्य निवेश' में बदल दिया। धनराज ने इस मुआवजे की रकम से सीधे वर्धा जिले के समुद्रपुर में पूरी तरह से सिंचित 40 एकड़ उपजाऊ खेती की जमीन खरीद ली। यानी जितनी जमीन गई, उससे 8 गुना ज्यादा जमीन उन्होंने अपने नाम कर ली।

किसान धनराज की दूरदर्शिता सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने आर्थिक विविधीकरण का परिचय देते हुए बूटीबोरी के सिडको जैसे प्राइम लोकेशन में 5,700 वर्गफुट का एक बड़ा कमर्शियल प्लॉट भी खरीद लिया है। उल्लेखनीय है कि नया नागपुर परियोजना के लिए 692 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का लक्ष्य है।

मुआवजा सही जगह निवेश करें

धनराज परियोजना के बदले सरकार से मिला मुआवजा अत्यंत संतोषजनक और उम्मीदों से बढ़कर है। अगर किसान इस पैसे को गाड़ी-घोड़े या शौक में बर्बाद न करके सही जगह निवेश करें तो उनकी संपत्ति हमेशा सुरक्षित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवर जाएगा।

जागरूक किसान सफलता का उदाहरण

नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण सचिन ढोले जॉइंट कमिश्नर ने बाताया की नया नागपुर परियोजना के लिए मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और बेहद गतिमान है। हमारी नीति इतनी स्पष्ट है कि जमीनों के खरीद दस्तावेज (रजिस्ट्री) तैयार होने के महज 4 दिनों के भीतर मुआवजे की पूरी रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है।

अब तक लगभग 400 एकड़ जमीन के लिए 907 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। धनराज आष्टनकर जैसे जागरूक किसान पारदर्शी सिस्टम की सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारी किसानों से यही अपील है कि मुआवजे की इस बेहतरीन राशि को अनुत्पादक चीजों में खर्च करने के बजाय वापस जमीन या सही संपत्तियों में निवेश करें। सही निवेश आपके भविष्य को मजबूत बनाएगा।

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