मुंबई: एयरलाइन में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले देहरादून के फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 4 आरोपी गिरफ्तार

Mumbai Crime News: मानखुर्द पुलिस ने देहरादून में छापा मारकर एयर इंडिया में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। वहीं, बोरीवली में 48 लाख की ठगी में 2 गिरफ्तार हुए।
Mankhurd police busted a fake call center in Dehradun cheating youth with Air India job offers. Separately, two were held in Borivali for a Rs 48 lakh investment fraud.
फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Cyber Crime Fake Call Center Mankhurd Police: आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को एयरलाइन में नौकरी का झांसा देकर, करोड़ों की चपत लगाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का मानखुर्द पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस उपायुक्त समीर शेख के नेतृत्व और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बिलाल शेख के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने सीधे, उत्तराखंड के देहरादून में धावा बोलकर एक हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह देश भर के बेरोजगार युवाओं को मुंबई में 'एयर इंडिया एयरलाइन' में आकर्षक नौकरी दिलाने के नाम पर अपना शिकार बना रहा था।

पुलिस निरीक्षक (अपराध) हणमंत ओऊलकर के मुताबिक, इस छापेमारी में गुजरात, उत्तर प्रदेश और नागालैंड के रहने वाले पढ़े-लिखे शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने इनके ठिकाने से भारी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरोह ने नागालैंड के उन युवाओं को नौकरी पर रखा था, जिनकी अंग्रेजी बेहतरीन थी।

ताकि उनके जरिए विदेशी नागरिकों को भी निशाना बनाया जा सके। ये सभी आरोपी बाकायदा मासिक सैलरी पर काम कर रहे थे। इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता ने मानखुर्द पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे करीब 2.6 लाख रुपये की ठगी की गई है। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) का जाल बिछाया था।

'एयर इंडिया' में नौकरी दिलाने का झांसा

कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस की सुई देहरादून के इस फर्जी कॉल सेंटर पर जाकर टिकी, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक देश के कितने युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और इस रैकेट के पीछे का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।

अपराध के शिकार पीड़ित आगे आएं

मुंबई पुलिस उपायुक्त समीर शेख पीड़ितों से अपील की 66 गई है कि वे डरे नहीं, बल्कि सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं, पुलिस का पूरा प्रयास है कि ठगी गई रकम पीड़ितों को वापस दिलाई जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस रैकेट के पीछे छिपी किसी भी 'बड़ी मछली' को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहराई से जांच जारी है।

48 लाख रुपये की ठगी। चचेरे भाई समेत दो गिरफ्तार

बोरीवली इलाके में एक 52 वर्षीय व्यवसायी से अस्पताल परियोजना में भारी मुनाफे का झांसा देकरl, 48 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों, अब्दुल हामिद अख्तर हुसैन पेपरवाला और हुसैन अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जबकि मामले के दो अन्य आरोपी नफीस मसूर सिद्दीकी और नजमा सिद्दीकी अभी फरार है। जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी अब्दुल पीड़ित व्यवसायी का चचेरा भाई है।

पिछले साल जून में, अब्दुल अपने सहयोगियों के साथ व्यवसायी के घर आया और उन्हें एक नए मुंबई अस्पताल निर्माण की योजना बताई। आरोपियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए एक निजी बैंक का 3 करोड़ रुपये का जाली ऋण स्वीकृति (लोन सैक्शन) पत्र भी दिखाया। चचेरे भाई की सिफारिश और आकर्षक मुनाफे के जाल में आकर व्यवसायी निवेश के लिए तैयार हो गया।

जून 2025 से जून 2026 के बीच, पीड़ित ने बैंक ट्रांसफर और नकद मिलाकर कुल 48 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए। इसके लिए दोनों पक्षों में एक समझौता भी हुआ था। हालांकि, समय बीतने के बाद आरोपियों ने न तो कोई मुनाफा दिया और न ही मूल रकम लौटाई, बल्कि उन्होंने पीड़ित से दूरी बनानी शुरू कर दी।

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