Nagpur passenger safety Sanjay Mahakalkar: नागपुर महानगरपालिका का परिवहन विभाग हमेशा से ही किसी न किसी विवादों से चर्चाओं में रहा है। जहां कई बार वित्तिय गडबडी के आरोप लगते रहे हैं वहीं दूसरी ओर मनपा की सभा में भी विभाग में धांधली होने के आरोप कई पार्षदों द्वारा लगाए गए। यहां तक कि सत्तापक्ष के पार्षदों की ओर से भी इसका समर्थन किया गया। बहरहाल अब नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महानगरपालिका की खस्ताहाल और कबाड़ हो चुकी बसें शहर की सड़कों पर दौड़ रही हैं जिससे हर दिन हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ रही है। इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए मनपा के नेता प्रतिपक्ष संजय महाकालकर ने प्रशासन पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ खुलेआम खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
बस स्टैंड पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव बसों की जर्जर स्थिति के अलावा मोरभवन परिसर में यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी उजागर हुई है। बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों के बैठने के लिए न तो कोई उचित व्यवस्था है और न ही पीने के साफ पानी की कोई सुविधा उपलब्ध है।
संजय महाकालकर ने जानकारी दी कि मनपा प्रशासन को इन असुविधाओं का संज्ञान लेते हुए तुरंत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भारी कुप्रबंधन का शिकार है। यदि समय रहते इन खटारा बसों को सड़कों से नहीं हटाया गया तो यह भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
विपक्ष के नेता संजय महाकालकर, परिवहन सदस्य शैलेश पांडे और शकील पटेल ने हाल ही में शहर के प्रमुख बस स्टैंड 'मोरभवन' का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि डिपो में खड़ी कई बसें पूरी तरह से नादुरुस्त और जर्जर अवस्था में हैं।
हद तो तब हो गई जब यह पाया गया कि कुछ बसों में 'हैंडब्रेक' तक मौजूद नहीं है और इसके बावजूद उन्हें नागपुर शहर के विभिन्न मार्गों पर धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही ने यात्रियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
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