संविधान चौक नागपुर सोर्स: सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर-संविधान चौक के अस्तित्व पर संकट? मनपा आयुक्त के सामने संगठनों ने जताई आपत्ति, जानिए क्या है पूरा विवाद

Nagpur Samvidhan Chowk Dispute: संविधान चौक आंदोलन स्थल के पास सड़क बंद करने के प्रस्ताव पर विवाद। मनपा आयुक्त ने स्थल सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया, लेकिन संगठनों ने वैकल्पिक मार्ग पर सवाल उठाए।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • संविधान चौक के आसपास सड़क बंद करने के प्रस्ताव पर संगठनों ने जताई आपत्ति।

  • मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने मुख्यालय में की सुनवाई।

  • प्रशासन का दावा- आंदोलन स्थल को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

  • विधानभवन विस्तार के लिए करीब 18 मीटर चौड़ी और 80 मीटर लंबी सड़क बंद करने का प्रस्ताव।

  • वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था को लेकर संगठनों ने उठाए सवाल।

Constitution Chowk Nagpur NMC: नागपुर के ऐतिहासिक संविधान चौक आंदोलन स्थल और आसपास की सार्वजनिक जगह को लेकर विवाद गहरा गया है। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने संगठनों की आपत्तियों पर सुनवाई करते हुए आश्वासन दिया कि आंदोलन स्थल प्रभावित नहीं होगा। हालांकि, संगठनों ने ठोस योजना सामने नहीं रखे जाने पर सवाल उठाए हैं।

मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने सुनवाई के दौरान आश्वासन दिया कि संविधान चौक के आंदोलन स्थल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन संगठनों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं है; प्रशासन को ठोस योजना भी सामने रखनी चाहिए।

मनपा मुख्यालय में आपत्तियों पर सुनवाई

नागपुर। संविधान चौक और उसके आसपास की सार्वजनिक जगह को लेकर विवाद सामने आने के बाद विभिन्न संगठन सक्रिय हो गए हैं। मनपा प्रशासन की ओर से जमीन और सड़क से जुड़ी प्रस्तावित प्रक्रिया पर आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित किए गए थे। शुक्रवार को मनपा मुख्यालय में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने इन आपत्तियों पर सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल के भविष्य, सार्वजनिक आवागमन और प्रस्तावित निर्माण योजना को लेकर सवाल उठाए। आयुक्त ने उनकी चिंताओं का जवाब देने और स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। हालांकि, संगठनों की ओर से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर पूरी संतुष्टि नहीं जताई गई।

आंदोलन स्थल सुरक्षित रहने का आश्वासन

आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि जिस तरह से संविधान चौक के आंदोलन स्थल पर संकट आने की बात कही जा रही है, स्थिति वैसी नहीं है। उनके अनुसार, आंदोलन स्थल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि विधानभवन विस्तार योजना के चलते जिस सड़क को बंद करने का प्रस्ताव है, उसके बदले वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा। दावा है कि संविधान चौक तक पहुंचने वाला मार्ग बंद नहीं होगा और दो सड़कों में से एक को बंद कर दूसरी सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना है।

सड़क बंद करने के प्रस्ताव से बढ़ी चिंता

मनपा के स्थावर विभाग ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 203 के तहत सार्वजनिक सूचना जारी की थी। इसमें विधानभवन परिसर के विस्तार के लिए मौजूदा सार्वजनिक सड़क बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है।

सूचना के अनुसार, विधानभवन के पास त्रिकोणीय आकार की जमीन और मौजूदा विधानभवन परिसर के बीच स्थित लगभग 18 मीटर चौड़ी तथा 80 मीटर लंबी सड़क विस्तार योजना के लिए आवश्यक बताई गई है। इसी सड़क को बंद करने का प्रस्ताव विवाद का कारण बना है।

संगठनों की मांग-ठोस योजना सामने रखे प्रशासन

पूर्व सांसद जोगेंद्र कवाडे, महाराष्ट्र ऑफिसर्स फोरम और अन्य संगठनों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। संगठनों का कहना है कि संविधान चौक शहर में आंदोलन और प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। उन्हें आशंका है कि सड़क बंद होने से इस स्थल के उपयोग और सार्वजनिक आवागमन पर असर पड़ सकता है।

सुनवाई के दौरान वैकल्पिक सड़क, यातायात के अतिरिक्त दबाव और संविधान चौक के मौजूदा स्वरूप को सुरक्षित रखने की योजना पर सवाल उठे। संगठनों के अनुसार, प्रशासन ने इन मुद्दों पर विस्तृत लिखित योजना पेश करने के बजाय मौखिक आश्वासन दिए।

अब सुनवाई के बाद मनपा प्रशासन क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की योजना किस तरह सामने आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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