

37,714 नागरिकों को राहत: टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
55 गांवों और बस्तियों में जलापूर्ति: 15 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
मालेगांव में 13,140 लाभार्थी: 20 स्थानों पर 6 टैंकरों की व्यवस्था।
दूसरे क्षेत्र में 24,574 नागरिक: 35 स्थानों पर 9 टैंकरों से आपूर्ति।
नाशिक की 10 तहसीलें सूखाग्रस्त: पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के उपाय जारी।
Nashik Drought Water Tankers: नासिक जिले में जलसंकट को देखते हुए मालेगांव और येवला तहसीलों के 55 गांवों व बस्तियों में 15 टैंकरों से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिला परिषद की 5 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवस्था से 37,714 नागरिकों को राहत मिल रही है।
सूखे जैसी स्थिति के मद्देनजर जलसंकटग्रस्त क्षेत्रों में नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पालकमंत्री गिरीश महाजन के निर्देशानुसार नासिक जिले के प्रभावित गांवों और बस्तियों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।
जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की 5 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मालेगांव और येवला तहसीलों के 55 गांवों व बस्तियों में 15 टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे कुल 37,714 नागरिकों को राहत मिल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, मालेगांव तहसील के 6 गांवों और 14 बस्तियों सहित कुल 20 स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। यहां 6 टैंकर लगाए गए हैं, जिनकी प्रतिदिन 12 फेरियां लगाई जा रही हैं। इस व्यवस्था से 13,140 नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
पानी की कमी से प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए आपूर्ति करना नागरिकों की दैनिक जरूरत पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
दूसरे प्रभावित क्षेत्र के 12 गांवों और 23 बस्तियों सहित कुल 35 स्थानों पर 9 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। टैंकरों की 18 फेरियों के जरिए 24,574 नागरिकों को राहत मिलने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन की ओर से जरूरत के अनुसार टैंकरों की फेरियां और जलापूर्ति व्यवस्था संचालित की जा रही है, ताकि नागरिकों को पेयजल के लिए अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार ने सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रदेश की 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इनमें नासिक जिले की 10 तहसीलें शामिल बताई गई हैं। इस पृष्ठभूमि में राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक उपाय कर रहे हैं।
जलसंकट वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। टैंकरों से आपूर्ति के साथ जरूरत के अनुसार फेरियों का नियोजन करना भी जरूरी है, ताकि प्रभावित गांवों और बस्तियों के नागरिकों को समय पर पानी मिल सके।