NMC commissioner Dr Vipin Itankar: नागपुर शहर विकास कार्यों को सुनियोजित तरीके से पूरा करने और नागरिकों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी आसानी से मुहैया कराने के लिए महानगरपालिका अब जीआईएस तकनीक का उपयोग करेगी।
इस प्रणाली के माध्यम से शहर में मौजूद निर्माण कार्यों और बुनियादी सुविधाओं का डिजिटल नक्शा तैयार करने की योजना है। इससे विकास कार्यों की योजना बनाने, निर्माण कायों के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में मनपा मुख्यालय में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में शहर के विकास कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने और जीआईएस प्रणाली के प्रभावी उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मनपा मुख्यालय में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की मौजूदा बुनियादी सुविधाओं की जानकारी डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
नागरिकों को भी मिलेगी सुविधाओं की जानकारी मनपा आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं, जीआईएस प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को शहर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी, साथ ही विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा सुव्यवस्था लाने पर भी जोर दिया गया।
हालांकि नागरिकों के लिए यह डिजिटल जानकारी किस माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी और इसकी शुरुआत कब होगी, इस संबंध में फिलहाल कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
नागपुर मनपा मुख्यालय में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में बैठक में प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए अनुमति प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही शहर में पहले से मौजूद इमारतों, निर्माण कार्यों और मूलभूत सुविधाओं का जीआईएस प्रणाली के माध्यम से नक्शा तैयार करने की योजना पर विचार किया गया।
मनपा का उद्देश्य शहर में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जानकारी डिजिटल स्वरूप में तैयार करना है, ताकि विकास कार्यों की योजना बनाते समय संबंधित विभागों को सटीक जानकारी मिल सके। इससे प्रस्तावित निर्माण कार्यों के दौरान मौजूदा मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं की पहचान करने और उन्हें दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नागपुर शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकताओं का अध्ययन किया जाएगा
इसके आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों के दौरान आने वाली समस्याओं को कम करने पर भी मंथन किया गया।
जीआईएस प्रणाली के जरिए शहर की मौजूदा सुविधाओं की जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की योजना है।