

Nagpur Civic HQ Controversy: नागपुर जिले में सोमवार को मनपा प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यालय इमारत की छठवीं मंजिल पर शराबियों का अड्डा होने का खुलासा हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता सचिन खोबरागडे द्वारा इस मसले को उजागर करते ही प्रशासन सकते में आ गया। शराब की खाली बोतलों के साथ फोटो वायरल होते ही गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
इसी बीच मनपा आयुक्त को भी फोटो भेजी गई जिसके बाद आनन-फानन में मनपा आयुक्त की ओर से कड़ा आदेश जारी होते ही छठवीं मंजिल की बालकनी की सफाई शुरू हो गई। देर शाम तक पूरे परिसर से शराब की खाली बोतलों का जखीरा साफ कर दिया गया।
सूत्रों की मानें तो आम तौर पर मनपा के कामकाज का समय 10 से 6 बजे तक होता है किंतु इन दौरान प्रशासन की अपनी बैठकें और इसी तरह से सत्ता पक्ष के अलग-अलग पदाधिकारियों की बैठकों में अधिकारियों को उपस्थिति दर्ज करनी होती है जिससे कामकाज को निपटाने का समय नहीं मिलता है।
बताया जाता है कि 6 बजे पदाधिकारी और अन्य लोगों के चले जाने के बाद देर शाम तक सरकारी कामकाज चलता रहता है। संभवतः रात के समय कुछ कर्मचारियों द्वारा इस मंजिल का उपयोग शराब पीने के लिए किया जाता रहा है। बताया जाता है कि कई बार कर्मचारियों को रात के 9 बजे तक काम करना पड़ता है।
सूत्रों के अनुसार नागपुर मनपा मुख्यालय की मुख्य इमारत की 5वीं मंजिल पर कई अधिकारियों के कार्यालय है जिससे कामकाज के दौरान कई लोगों का यहां पर आना-जाना लगा रहता है।
इसी तरह से इमारत की 7वीं मंजिल पर स्मार्ट सिटी का कार्यालय है किंतु छठवीं मंजिल के जिस बालकनी में इन खाली शराब की बोतलों का जखीरा मिला है वहां का गलियारा पूरी तरह से सुनसान रहता है।
इसी के चलते शराबियों द्वारा इसका उपयोग किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल इस बालकनी को साफ कर दिया गया है और अब पूरी इमारत पर नजर रखने की हिदायत दी गई है।