Resident Doctors Indefinite Strike: महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) में सीसीएमपी पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले बीएचएमएस डॉक्टरों को पंजीकरण देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सेंट्रल मार्ड की ओर से बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते मेडिकल और मेयो में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पहले ही दिन ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी रही। वार्डों में नियमित राउंड नहीं हुये। रात के वक्त नर्सों और इंटर्न के भरोसे व्यवस्था रही। सप्ताह के शुरुआत के 3-4 दिनों तक ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ रहती है।
सुबह से लेकर रात तक निवासी डॉक्टर व्यवस्था संभाले रहते हैं लेकिन बुधवार को डॉक्टर नहीं होने से मेडिकल और मेयो में ओपीडी के सामने मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस बीच मार्ड की ओर छात्रावास और अधिष्ठाता कार्यालय के सामने धरना दिया गया।
सेंट्रल मार्ड ने 6 अगस्त से आंदोलन और तेज करने की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि निवासी डॉक्टरों की नियमित चिकित्सा, शैक्षणिक और गैर-जीवनरक्षक सेवाएं अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी।
हड़ताल का पहला दिन होने से सेवाएं अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। इमरजेंसी ऑपरेशन होते रहे लेकिन कई नियोजित ऑपरेशन रोके गये। मरीजों को कुछ दिन इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर विविध तरह की टेस्ट जैसे एमआरआई, सिटी स्कैन पर पड़ रहा है। पहले से ही मरीजों की वेटिंग रहती है। हड़ताल होने से वेटिंग और बढ़ जाएगी।
नियमित बाहा रोगी विभाग (ओपीडी)।
नियमित आंतर रोगी सेवाएं (आईपीडी) एवं वार्ड राउंड।
नियोजित (इलेक्टिव) सर्जरी।
नियोजित चिकित्सा प्रक्रियाएं।
शैक्षणिक गतिविधिया।
केंद्रीय प्रयोगशाला (सेंट्रल लैब)।
फीवर ओपीडी।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी।
ट्रॉमा केयर, आईसीयू, प्रसूति कक्ष में सेवा।
आपातकालीन सर्जरी एवं जीवनरक्षक चिकित्सा प्रक्रियाएं।
इमरजेंसी लैब, ब्लड बैंक तथा अन्य सेवाएं।
हड़ताल का पहला दिन होने से सेवाएं अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। इमरजेंसी ऑपरेशन होते रहे लेकिन कई नियोजित ऑपरेशन रोके गये। मरीजों को कुछ दिन इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर विविध तरह की टेस्ट जैसे एमआरआई, सिटी स्कैन पर पड़ रहा है। पहले से ही मरीजों की वेटिंग रहती है। हड़ताल होने से वेटिंग और बढ़ जाएगी।
दूसरी ओर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए गुरुवार को ओपीडी के साथ ही आईपीडी और इमरजेंसी सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। इससे पहले आईएमए ने 24 घंटे की ओपीडी बंद आंदोलन किया था लेकिन सरकार के साथ मांगों पर सकारात्मक चर्चा नहीं होने के बाद बुधवार की शाम से आंदोलन को तीव्र करने का निर्णय लिया गया, आईएमए अध्यक्ष डॉ. सचिन गाठे ने बताया कि गुरुवार से सभी डॉक्टर ओपीडी बंद रखेंगे।
साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा नहीं दी जाएगी। मरीजों का इलाज नहीं किये जाने का सीधा मतलब है कि भर्ती की सेवा भी बंद रहेगी, हालांकि आईएमए ने सभी डॉक्टरों से अपील तो की है लेकिन शहर के कॉर्पोरेट अस्पताल कितना साथ देते हैं, यह देखना होगा।
सेंट्रल के निर्देशानुसार हडताल जारी रखी जा रही है। फिलहाल इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई है लेकिन सरकार द्वारा ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में इमरजेंसी सेवा भी बंद की जा सकती है। बुधवार को मुंबई में वैद्यकीय शिक्षा विभाग और सेंट्रल मार्ड के प्रतिनिधियों की बैठक हुई लेकिन इसमें कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसलिए हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया गया।
- डॉ. आशुतोष आडे, महासचिव, सेंट्रल मार्ड