NIA के चंगुल में नालागढ़ ब्लास्ट के दो और आरोपी, पूरे नेटवर्क को खंगाल रही जांच एजेंसी; हो सकते हैं और खुलासे

NIA Arrested Accused In Nalagarh Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने नालागढ़ ब्लास्ट मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
Nalagarh blast case
एनआईए ऑफिससोर्स- IANS
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Nalagarh Police Station Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 25 सितंबर 2026 को जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन ब्लास्ट मामले में दो और आरोपियों, हरमन हैरी और जशन सैनी को गिरफ्तार कर लिया। इस साल जनवरी में हिमाचल प्रदेश के एक पुलिस स्टेशन में IED धमाका हुआ था। 1 जनवरी को सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन के अंदर इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुए IED धमाके से जुड़ी थी। हरमन हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है।

गंभीर धाराओं में मामला

IED धमाके की जांच NIA ने अपने हाथ में ले ली और एजेंसी ने 8 मई को भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला फिर से दर्ज किया। इससे पहले, NIA ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके नाम महावीर कुमार उर्फ ​​काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ ​​मणि, अर्शदीप सिंह कंडोला उर्फ ​​अर्श कंडोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी हैं। इन आरोपियों को शुरू में पंजाब पुलिस ने पंजाब के मोहाली में SAS नगर पुलिस स्टेशन और पंजाब के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

सिलसिलेवार तरीके से हुई गिरफ्तारी

NIA ने इस मामले के सिलसिले में इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारियां 1 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:40 बजे हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए IED धमाके के सिलसिले में की गई हैं। NIA ने 8 मई 2026 को BNS, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और UAPA के तहत इस मामले को फिर से दर्ज किया था। एजेंसी हमले के पीछे उनकी भूमिका, व्यापक संपर्कों और बड़ी साजिश की जांच कर रही है।

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आतंकी नेटवर्क को खंगालने में जुटी NIA

जांच एजेंसी हरमन हैरी और जसन सैनी की गिरफ्तारी के बाद अब इस साजिश के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहराई से छानबीन कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुलिस थाने को निशाना बनाने के पीछे मुख्य हैंडलर कौन था। विस्फोटकों की आपूर्ति कहां से हुई और इसके पीछे क्या किसी बड़े गिरोह या सीमा पार बैठे आतंकियों के तो हाथ नहीं न है. एनआईए के मुताबिक इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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