विधान परिषद चुनाव,(सोर्स: सोशल मीडिया)  
नागपुर

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव का ऐलान, विदर्भ की 5 सीटों पर बढ़ी हलचल; 18 जून को वोटिंग

Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद विदर्भ की 5 सीटों पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 18 जून को मतदान होगा।

अंकिता पटेल

Maharashtra Election Commission: नागपुर चुनाव आयोग ने राज्य की 17 विधान परिषद के चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिए हैं। चूंकि जिला परिषद चुनाव लटके हुए हैं, इसलिए यह अपेक्षा नहीं थी, विधान परिषद के स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव प्रक्रिया अचानक घोषित होने से कई इच्छुकों को सुखद आश्चर्य हुआ है।

कामठी सहित विदर्भ की 5 सीटों पर भी चुनाव होंगे जिसके चलते विदर्भ की इन सीटों का दावेदार कौन होगा और किसकी लॉटरी लगेगी, इस पर नजरें टिक गई हैं। हालांकि पिक्चर 1-2 दिनों में क्लीयर होगी लेकिन कार्यकर्ताओं में उत्सुकता तो बढ़ गई है। 18 जून को मतदान होगा।

दुष्यंत व फुके की सीट

दुष्यंत चतुर्वेदी ने यवतमाल जिले से उपचुनाव लड़ा था। उनका कार्यकाल 5 फरवरी 2020 से 5 दिसंबर 2022 तक रहा। उस समय महाविकास आघाड़ी की सरकार थी और उन्होंने शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। अब वे शिंद गुट की शिवसेना में हैं। भंडारा-गोंदिया जिले से परिणय फुके का कार्यकाल 5 दिसंबर 2022 को समाप्त हुआ था। चतुर्वेदी और फुके दोनों का चुनावी संघर्ष काफी नाटकीय रहा, तानाजी सावंत ने 2019 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था। इसके बाद रिक्त हुई सीट पर शिवसेना ने दुष्यंत चतुर्वेदी को मौका दिया और उन्होंने सीट बरकरार रखी।

यवतमाल सीट पर किसका दावा

विदर्भ की कुछ सीटों विशेषकर यवतमाल में महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच दावे-प्रतिदावे होने के संकेत हैं। यह सीट पहले शिवसेना के पास रहीं है, इसलिए दोनों गुटों की और से दावा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

शिवसेना के दुष्यंत वतुर्वेदी ने भाजपा के सुमित बाजोरिया को हराया था। भाजपा यह सीट गंवा चुकी है, इसलिए अब पार्टी फिर से इस सीट को हासिल करने के प्रयास में जुटी है, चूंकि चुनाव की घोषणा अभी हुई है। इसलिए अगले 2-3 दिनों में दावेदारों की तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है।

वर्धा, अमरावती का गणित

वर्धा, चंद्रपुर, गडचिरोली क्षेत्र के दिवंगत रामदास आंबटकर और अमरावती के प्रवीण पोटे का कार्यकाल 21 जून 2024 को समाप्त हुआ था। लंबे समय तक संगठन में कार्यरत रहे रामदास आंबटकर को पार्टी ने मौका दिया था लेकिन उनका असमय निधन हो गया, चूंकि यह चुनाव 3 जिलों से जुड़ा है, इसलिए राजनीतिक पार्टियों द्वारा मजबूत उम्मीदवार उतारने की कोशिश की जा रही है, प्रवीण पोटे ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

लोकसभा चुनाव में उन्होंने नवनीत राणा के खिलाफ मुखर भूमिका निभाई थी। इस बार भी वे दावेदारों की सूची में आगे माने जा रहे हैं। हालांकि अमरावती में अन्य इच्छुक भी सक्रिय है।

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