

Bhadohi to be renamed Sant Ravidas Nagar: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले को लेकर बड़ी घोषणा की है। रविवार को भदोही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदोही में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के तौर पर विकसित किया जाएगा। साथ ही वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान को भी जल्द लागू करने की बात कही।
सीएम योगी ने यह जानकारी इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों के साथ बातचीत में दी। इस दौरान कारोबारियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, व्यापार से जुड़ी जरूरतों और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने समेत कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों को सुना और संबंधित विषयों पर सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मिर्जापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मिर्जापुर शहर और वहां के कालीन कारोबार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
उद्यमी इम्तियाज अहमद ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से कारोबारियों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कालीन उद्योग के लिए भी इसी तरह की अलग नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पीयूष कुमार बरनवाल ने हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि हाथ से तैयार होने वाले कालीनों के उत्पादन में अधिक समय लगता है और इस क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को सामान्य मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से अलग रखते हुए उसकी आवश्यकताओं के अनुसार नीति बनाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित कालीन उद्योग से जुड़े बुनकरों ने अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया।
उद्यमी आदर्श पूर्णिमा ने बताया कि पहले इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन दिल्ली में किया जाता था, लेकिन अब भदोही में इतने बड़े स्तर पर इसका आयोजन हो रहा है। उन्होंने कालीन उद्योग में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और कामगार जुड़ी हुई हैं, लेकिन कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) की मौजूदा व्यवस्था में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी नहीं है।
महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने और उनका उत्साह मजबूत करने के लिए सीईपीसी में विशेष प्रावधान किए जाने की मांग भी रखी गई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया है। उन्होंने सीईपीसी से महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा। साथ ही उन्होंने इस दिशा में आवश्यक बदलाव किए जाने का भी भरोसा दिलाया।