Maharashtra Drought Relief: पंचनामा जल्द पूरा करने का सरकार प्रयास कर रही है। दिवाली से पहले किसानों के हाथ में कुछ न कुछ आर्थिक मदद पहुंचनी चाहिए। सरकार का यही विचार है। मंत्रिमंडल की सूखा निवारण उपसमिति ने भी इसकी सिफारिश की है। यह जानकारी राजस्व मंत्री एवं सूखा निवारण मंत्रिमंडल उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति के बावजूद ट्रिगर-1 में शामिल नहीं हो पाए करीब 15 से 18 तहसीलों को भी सटीक पंचनामा और आनेवारी के आधार पर सूखे के दायरे में लाकर किसानों को न्याय दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 11 सदस्यीय उपसमिति को पूर्ण अधिकार दिए हैं। 25 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट पेश करने का निर्णय लिया गया है। सूखे की स्थिति में टैंकर, पानी की कमी और चारा शिविरों की व्यवस्था सरकार करेगी। हालांकि प्रत्येक जिलाधिकारी को अपने जिले के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से चर्चा कर सीएसआर के माध्यम से मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं।
बावनकुले ने बताया कि नागपुर जिले के बेला-उमरेड क्षेत्र में घर से वंचित जरूरतमंद और गरीब नागरिकों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय मंत्रिमंडल ने लिया है। गडकरी ने बेला में 'स्मार्ट विलेज' बनाने की संकल्पना भी रखी थी। मंत्रिमंडल ने बेला की सरकारी जमीन निःशुल्क देने का निर्णय लिया है। इससे घर के साथ ही पारधी और घुमंतू समाज के लोगों मिलेगा।
वंचित गरीब नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। जनता के काम करके वोट हासिल करने चाहिए और समाज में अपना प्रभाव बनाना चाहिए। बावनकुले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह रास्ता छोड़ दिया है और फिलहाल नकारात्मकता के भरोसे चल रही है। उनका दावा है कि कांग्रेस को लगता है कि नकारात्मकता पैदा करके चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और जनता ऐसी नहीं है तथा जनता की सोच भी ऐसी नहीं है। जनता विकास के साथ खड़ी है, साथ नकारात्मकता के नहीं।
मोर्चा एक दिन चलेगा और दो दिन आंदोलन होगा, लेकिन जनता को वास्तविक काम चाहिए। महाविकास आघाड़ी की ओर से बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग किए जाने को लेकर कहा कि जब-जब महाविकास आघाड़ी हारती है, तब-तब उसे बैलेट पेपर याद आता है। रोहित पवार की उस चेतावनी कि 'किसी मंत्री को दिवाली नहीं मनाने देंगे' पर बावनकुले ने कहा कि वे मेरे घर आएं। मैं दिवाली नहीं मनाऊंगा, लेकिन उन्हें निमंत्रण है। रोहित पवार नागपुर आएं। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति को देखते हुए शादी समारोह सादगी से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। विधायकों ने अपने जन्मदिन के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। रोहित पवार से मेरी अपील है कि किसानों के साथ खड़ा रहना जरूरी है।