प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल सीईओ डॉ. कमलकिशोर फुटाने को ज्ञापन(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)  
नागपुर

नाले पर अतिक्रमण से फैक्ट्रियों व स्कूलों में भरा था 3 फीट पानी, नुकसान के बाद भी नहीं जागा नागपुर प्रशासन

Nagpur Drain Encroachment: कापसी खुर्द की उमिया इंडस्ट्रियल इस्टेट के पास नाले पर अतिक्रमण से जलनिकासी बाधित है। उद्योगों और बस्तियों में फिर जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

अंकिता पटेल

Nagpur Waterlogging Industrial Area: नागपुर कापसी खुर्द और भंडारा रोड पर कई फैटियां हैं। इन फैक्ट्रियों की वजह से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और उसका राजस्व भी सरकार को करोडों में जाता है। कापसी की उमिया इंडस्ट्रियल इस्टेट के पास वाले नाले पर जगह-जगह अतिक्रमण होने से वह बंद हो गया है और जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती है।

इस कारण प्रतिवर्ष बारिश के समय यहां के इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। वर्ष 2024 में भारी बारिश दौरान यहां के कई फैक्ट्रियों व आसपास की बस्तियों और स्कूलों में 3 फुट तक पानी जमा हो गया था। इसके कारण फैर्वाट्रयों में रखा हुआ बहुत सारा माल और कई इलेट्रिक उपकरण और दस्तावेज भी खराब हो गए थे।

इससे यहां के व्यवसायियों एव नागरिकों को करोड़ों का आर्थिक नुकसान भी हुआ था। प्रशासकीय अधिकारी इस नाले की जांच कर जगह नाप कर भी गए थे, किंतु अभी तक उनके द्वारा प्रशासन को रिपोर्ट जमा नहीं की गयी। इस बार भी जल्द ध्यान नहीं दिया, तो संकट काफी अधिक बढ़ सकता है।

अधिकारियों के उदासीन रवैये को लेकर नाग विदर्भ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष फारूक अकबानी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल सीईओ डॉ। कमलकिशोर फुटाने को ज्ञापन सौंपकर बढ़ती जा रही समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर चेंबर के कोषाध्यक्ष सचिन पुनियानी सहित अन्य प्रमुखता से उपस्थित थे।

नहीं बनाई सीवर लाइन

अकबानी ने बताया कि यहां पर आदर्श विद्या मंदिर व सोमलवार हाईस्कूल भी है, जहां हजारों बच्चे रोजाना पढ़ने आते हैं। बारिश के चलते यहां पर काफी अधिक खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और पालकों को आने-जाने में परेशानी होती है। नवीन नगर और आसपास की बस्तियों का गंदा पानी भी यहां के नाले में आता था।

यहां सीमेंट रोड तो बनायी गयी है, लेकिन न तो सीवर लाइन बनायी गयी और न ही पानी निकासी की कोई व्यवस्था की गई जिसके कारण बारिश में पानी व नाले की गंदगी का जगह-जगह जमाव होता है। इससे यहां के नागरिकों और स्कूल के बच्चों को बीमारियां फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। इस समस्या को देखते हुए चैंबर द्वारा जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद और कापसी खुर्द के ग्राम पंचायत के सरपंच को भी ज्ञापन सौंपा गया है।

प्रशासन की ओर से की जायेगी आवश्यक कार्यवाही

अकबानी ने कहा कि वर्ष 2024 की तरह यहां के नागरिकों, स्कूली बच्चों तथा व्यवसायियों को बारिश में जल भराव की परिस्थिति का पुनः सामना न करना पड़े, इसके लिए नागपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले कापसी खुर्द गांव के नाले को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुये इसकी सफाई तथा तालाब तक पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कराएं।

साथ ही पेयजल, गटर लाइन, सीवर लाइन जैसी मुलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं। फुटाने ने चैंबर की समस्या को सुनकर आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से इस पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर उमिया औद्योगिक वसाहत सोसाइटी कापसी खुर्द की ओर से वेदप्रकाश सोनी, दीपेश पटेल, विनोद पटेल व शशिकांत चोपड़ा भी उपस्थित थे।

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