अवैध निर्माण, काचीपुरा, मनपा, (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

Nagpur NMC Update: काचीपुरा के अवैध निर्माणों पर 10 साल बाद जागा प्रशासन, जल्द थमाए जाएंगे कड़े नोटिस

Nagpur Illegal Construction: काचीपुरा में एक दशक पुरानी रोक हटने के बाद मनपा ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सेंट्रल बाजार रोड की 56 व्यावसायिक इकाइयों को जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।

अंकिता पटेल

Nagpur Municipal Corporation Encroachment: नागपुर महानगर पालिका (मनपा) ने आखिरकार काचीपुरा में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक दशक से ठंडे बस्ते में पड़ी अपनी कार्रवाई को फिर से जीवित कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक दशक पुराने स्टे (रोक) को हटाए जाने के बाद मनपा ने अब कमर कस ली है।

सेंट्रल बाजार रोड पर स्थित लगभग 19.82 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा जमाए बैठीं 56 व्यावसायिक इकाइयों को अब जल्द ही प्रशासन का कड़ा नोटिस मिलने वाला है। इस बीच यहां के अवैध कब्जेदार विकास को 'आंखें' दिखाने का काम कर रहे हैं। उन्हें अब भी पूरा यकीन है कि 'प्रशासन' उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता।

जिस प्रकार पिछले 25-30 वर्षों से कब्जा किए हुए हैं उसी तरह आगे भी कब्जा बना रहेगा। केस पर केस करने की रणनीति पर वे आगे बढ़ने पर मंथन भी कर रहे हैं, ताकि विलंब होता रहे और उनकी 'रोटी' सेंकने का काम चलता रहे।

काचीपुरा स्लम को फिलहाल राहत

मनपा ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल काचीपुरा की अधिसूचित झोपड़पट्टी को गिराने का कोई प्रस्ताव नहीं है। चूंकि स्लम क्षेत्र को राज्य सरकार द्वारा संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वहां कोई भी कार्रवाई करने से पहले उचित पुनवास नीति और सरकारी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान केवल व्यावसायिक अतिक्रमणों को हटाने पर केंद्रित है।

वर्षों से है विवाद, अब सरकार ने भी नकारा

यह विवादित भूमि डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ (पीडीकेवी) की है जिस पर 2015 में मनपा ने पहली बार कार्रवाई शुरू की थी। तब से यह मामला कानूनी दांव-पेचों और स्टे के कारण अटका हुआ था।

हालांकि 23 जून को शहरी विकास विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि मनपा द्वारा इन प्रतिष्ठानों के लिए अनुमति न देना और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करना पूरी तरह उचित था। इस आदेश के साथ ही 2016 से मिली अंतरिम सुरक्षा खत्म हो गई है।

रसूखदारों पर गिरेगी गाज

बजाजनगर और काचीपुरा स्क्वायर के बीच स्थित इस इलाके में अब बड़े रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, मैरिज लॉन और गैस गोदाम जैसी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही है। चर्चा है कि इनमें से कई प्रतिष्ठान प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के संरक्षण में चल रहे हैं। बिना बिल्डिंग परमिशन और फायर एनओसी के चल रही इन गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का प्रतीक मानी जा रही है।

15 दिनों में खाली करें वरना ध्वस्त होगी संपत्ति

धरमपेठ जोन के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मेश्राम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर रचना (एमआरटीपी) अधिनियम, 1966 की धारा 53 (1) के तहत इन अवैध प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जाएंगे, नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर यदि अवैध ढांचे नहीं हटाए गए तौ मनपा का बुलडोजर उन्हें जमींदोज कर देगा।

हम नोटिस तैयार कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा और सभी 56 अवैध अतिक्रमणों को हटाने की हमारी योजना है। राजकुमार मेश्राम, सहायक नगर आयुक्त

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