Nagpur Heatwave Homeless Rehabilitation: नागपुर भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सिटी की सड़कों पर जीवन बिताने वाले बेघर और भिक्षा मांगने वाले नागरिकों के लिए महानगरपालिका के समाज विकास विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत अब तक 466 बेघरों को सुरक्षित आश्रय मिला है जिनमें से 159 लोगों का सफलतापूर्वक पुनर्वास भी किया जा चुका है।
महापौर नीता ठाकरे और शहर पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्रकुमार सिंगल के मार्गदर्शन में तथा मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के निर्देशानुसार समाज विकास विभाग की उपायुक्त डॉ. रंजना लाडे के सहयोग से भिक्षुक मुक्त नागपुर लू प्रतिबंधक अभियान- मिशन मुक्ति फेज-3' चलाया जा रहा है। मनपा के संयुक्त दल ने अप्रैल माह में 120 और मई में 76 (कुल 196) बेघर नागरिकों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित रूप से आश्रय केंद्रों (रैन बसेरों) में पहुंचाया है।
हाल ही में कॉटन मार्केट, मोमिनपुरा, शनि मंदिर, सीताबडी और वर्धा रोड जैसे प्रमुख इलाकों में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 20 पुरुषों, 19 महिलाओं और 13 बच्चों सहित कुल 52 नागरिकों को आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास की मदद दी गई। वर्तमान में मनपा के 7 आश्रय गृहों की कुल क्षमता 450 है लेकिन यहां 466 नागरिक रह रहे हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत चलने वाले इन केंद्रों में लाभार्थियों को मुफ्त में भोजन, कपड़े, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श और नशामुक्ति उपचार जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।
पुनर्वास के मोर्चे पर भी मनपा को बड़ी सफलता मिली है। 159 लोगों का पुनर्वास किया गया है जिनमें से 79 लोगों को उनके परिवारी से दोबारा मिलाया गया है। इसके अलावा 15 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जबकि 10 बेघर बुजुर्गों को सम्मान के साथ वृद्धाश्रम में भेजा गया है। कुछ लोगों को उनके मूल गांव भी वापस भेजा गया है।
शहर में लू के कारण किसी भी बेघर व्यक्ति की जान न जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए महापौर और मनपा ने शहरवासियों से एक खास अपील की है। मनपा का कहना है कि यदि तीव्र गमी के दौरान किसी भी नागरिक की सड़कों, बाजारों, बस स्टैंड या शहर के प्रमुख स्थानों पर कोई बेधर व्याचित्त दिखाई दे तो वे इसे अनदेखा न करें और तुरंत आपने नजदीकी आश्रय केंद्र से संपर्क करें।