नागपुर पहुंचीं दिव्या देशमुख (सौजन्य-एक्स) 
नागपुर

विश्व विजेता बन नागपुर लौटीं दिव्या देशमुख, ढोल-ताशे से एयरपोर्ट पर हुआ वेलकम

Divya Deshmukh : शतरंज का वर्ल्ड कप जीतकर शहर का गौरव बनी नागपुर की बेटी ‘ग्रैंडमास्टर’ दिव्या देशमुख के स्वागत के लिए नागपुरियों ने एयरपोर्ट पर पलक पावड़े बिछा दिए।

प्रिया जैस

Divya Deshmukh : गुलाब के फूलों की बरसात और ढोल-ताशे के बीच एयरपोर्ट से बाहर निकलीं दिव्या को देख शतरंज प्रेमी खुशी से झूम उठे। स्वागत के लिए नन्हे बच्चों से लेकर बूढ़े तक पहुंचे। भविष्य में दिव्या की तरह बनने का सपना संजोए पहुंचे नन्हे बच्चों ने अपनी दिव्या दीदी को पास देखकर गर्मजोशी से हाथ हिलाकर स्वागत किया।

बाहर आकर सबसे पहले दिव्या ने अपनी दादी कमल देशमुख फिर पिता जितेंद्र देशमुख के पैर छुए। दादी ने गले में हार पहनाकर बिटिया को गले लगाया। फूलों का ताज सिर पर सजाया। महाराष्ट्र शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष परिणय फुके ने फूलों की माला पहनाई। दिव्या को देख मानो हर कोई कह रहा था- बेटी आपने माता-पिता के साथ नागपुर का भी नाम दुनिया में रोशन कर दिया। फिडे महिला वर्ल्ड कप जीतने के बाद बुधवार रात 9.45 बजे पहली बार नागपुर पहुंचीं ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को देखने के लिए शहर के शतरंज प्रेमी रात 8 बजे से ही गुलदस्ते व फुल लेकर एयरपोर्ट पहुंचने लगे।

दिव्या की जीत का मना जश्न

छोटे-छोटे बच्चे शतरंज बोर्ड, दिव्या के पोस्टर, मेमोरी बुक, गुब्बारे, स्वामी विवेकानंद की फोटो और हाथों में तिरंगा लेकर दिव्या की जीत का जश्न मनाते रहे। खुली जीप में बैठकर निकलीं दिव्या को एयरपोर्ट से बाहर निकलने में करीब 1 घंटा लग गया। इस दौरान वे खुशी-खुशी सभी से हाथ हिलाकर अभिवादन करती रहीं। महाराष्ट्र शतरंज संघ व जिला शतरंज संघ के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर दिव्या के परिजन मीडिया से कुछ भी कहने से बचते रहे। एयरपोर्ट पर मुख्य रूप से भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर, जिला खेल अधिकारी पल्लवी धात्रक, मनपा क्रीड़ा अधिकारी पीयूष अंबुलकर सहित हजारों शतरंज प्रेमी मौजूद रहे।

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

लोगों की भीड़ को संभालने के लिए एयरपोर्ट पर तैनात आधा सैकड़ा से ज्यादा पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही दिव्या बाहर निकलीं, लोग उन्हें देखने और गुलदस्ता भेंट करने के लिए आगे बढ़ने लगे। इससे एक ही जगह अत्यधिक भीड़ जमा हो गई। यहां से पुलिस को लोगों को हटाने में काफी समय लग गया। इस दौरान पुलिसकर्मी भी दिव्या को जीत की बधाई और गुलदस्ते देते दिखाई दिए।

प्यार पाकर, स्वागत से बहुत खुश हूं : दिव्या

एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए ग्रैंडमास्टर दिव्या ने कहा कि जीत मेरे लिए एक कदम है। मैं अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगी। यहां इतना शानदार स्वागत पाकर मैं बहुत खुश हूं। मेरे नागपुरवासियों का यह प्यार मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।

यह महाराष्ट्र के लिए गौरव का दिन : फुके

नागपुर एयरपोर्ट पर दिव्या के साथ पूरे समय मौजूद रहे महाराष्ट्र शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष परिणय फुके ने कहा कि नागपुर व महाराष्ट्र के लिए यह ऐतिहासिक व गौरव का दिन है। दिव्या की जीत से शतरंज में नई क्रांति आएगी। भविष्य के खिलाड़ियों को दिव्या से प्रेरणा मिलेगी। आज दिव्या ने नागपुर का नाम विश्व पटल पर चमकाया है।

 झलकियां

-दिव्या की झलक देखने के लिए मां ने अपने बेटे को कंधे पर बैठाया। -दिव्या की मेमोरी बुक हाथों में लेकर नन्हे बच्चे ऑटोग्राफ का इंतजार करते दिखे। -स्कूल के बच्चे शतरंज के पोस्टर के माध्यम से दिव्या को बधाई देते दिखे। -खुशी जाहिर करने के लिए हैप्पी गुब्बारे लेकर पहुंचे शतरंज प्रेमी।

कोनेरू हम्पी को हराकर जीता खिताब

ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख ने जॉर्जिया के बटुमी में 28 जुलाई को फिडे महिला विश्वकप के फाइनल में भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर राउंड में मात देकर चैम्पियनशिप जीती थी। इस जीत के साथ विश्व विजेता बनने के साथ ही वह 88वीं ग्रैंडमास्टर भी बन गई। दिव्या देश की चौथी ग्रैंडमास्टर बनने के साथ ही 2026 में आयोजित होने वाले कैंडिडेट्स चैम्पियनशिप के लिए भी दिव्या ने क्वालीफाई किया।

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