Nagpur Graduates Constituency: विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। वे 5 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके नाम की घोषणा के साथ ही उनके समर्थकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है।
यह सीट पहले चुनाव से ही जनसंघ व भाजपा के कब्जे में रही थी। यह भाजपा का गढ़ बन गया था लेकिन बीते चुनाव में कांग्रेस ने इसमें सेंध लगा दी थी। इस बार भाजपा किसी भी सूरत में अपने गढ़ में वापसी चाहती है और कोहले को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक वर्ष पूर्व ही उन्हें नागपुर संभाग का स्नातक मतदाता पंयीजन प्रभारी नियुक्त किया था। तभी से उनकी उम्मीदवारी की चर्चा शुरू हो गई थी। संडे को पार्टी ने उस पर मुहर लगा दी। पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी समय-समय पर कोहले की उम्मीदवारी को लेकर सकारात्मक रुख जताया था।
वर्ष 2020 के चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के संदीप जोशी को 18,910 वोटों से पराजित कर इस सीट पर कांग्रेस का झंडा गाड़ा था। कांग्रेस ने अपने सिटिंग एमएलए वंजारी को ही इस बार भी मैदान में उतारा है। वंजारी भी अपनी सीट बरकरार रखने के लिए बीते करीब एक-डेढ़ वर्ष से मेहनत कर रहे हैं।
नये सिरे से हुए मतदाता पंजीयन अभियान में भी भाजपा व कांग्रेस दोनों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। बीजेपी ने करीब पौने दो लाख मतदाता पंजीयन का दावा किया है। कांग्रेस ने भी डेढ़ लाख के ऊपर पंजीयन की बात कही है। इस चुनाव में करीब ढाई लाख मतदाताओं के होने की संभावना है। ऐसे में कोहले की वंजारी के साथ कांटे की टक्कर होना तय समझा जा रहा है।
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कोहले ने तुरंत रामगिरी में जाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उनका आभार माना। शाम को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी हुई।
जानकारी के अनुसार, बैठक में नामांकन दाखिल करने से लेकर चुनावी रणनीति तक पर चर्चा हुई। बता दें कि पिछले 2 महीने से पूर्व विधायक अनिल सोले का नाम भी चर्चा में था और उनकी उम्मीदवारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं
बीते संडे फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच बैठक हुई थी, लेकिन इसके बाद भी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया था।
इस दौरान कोहले, अनिल सोले के साथ मतदाता पंजीयन सह-प्रमुख सुधीर दिवे और गिरीश देशमुख के नाम भी चर्चा में रहे।
अब सोले ने बगावत कर निर्दलीय रूप से नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी है।
भाजपा की उम्मीदवारी मांग रहे लोकजागृति मोर्चा के अध्यक्ष एडवोकेट रमण सेनाड भी 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।
पेशे से शिक्षक रहे सुधाकर विट्ठल कोहले का राजनीतिक सफर नगरसेवक से विधायक तक रहा है। इस दौरान वे एनआईटी के ट्रस्टी भी रहे। वर्ष 2014 में दक्षिण नागपुर सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। उन्होंने शहर और जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाली।
वर्ष 2019 विस चुनाव में उनका टिकट काटकर मौहन मते को उम्मीदवार बनाया गया। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें पश्चिम नागपुर से मैदान में उतारा गया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। अब पार्टी ने स्नातक सीट से उन्हें विधान परिषद में भेजने की तैयारी की है।