MJP Water Treatment Plant Gas Leak News: गोधनी रेलवे नगर पंचायत क्षेत्र में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को वेला ग्राम पंचायत क्षेत्र के गोटाड पांजरी में एक और गैस रिसाव की घटना सामने आ गई। यहां महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) के जलशुद्धिकरण केंद्र में लगे 900 किलो क्षमता के भरे सिलेंडर से गैस रिसाव होने की आशंका के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, गोटाड पांजरी स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र में गुरुवार को ही 900 किलो क्षमता का भरा हुआ सिलेंडर लगाया गया था। शाम करीब 5 बजे सिलेंडर से गैस निकलने की आशंका के चलते आसपास तेज दुर्गंध फैलने लगी। स्थिति को भांपते हुए केंद्र के कर्मचारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही वेला ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सचिन इंगले भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन, बेसा नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाए।
गैस रिसाव की खबर आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए। वेला ग्राम पंचायत सदस्य आशीष भोयर सहित सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए।
स्थिति को देखते हुए अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी गई और सुरक्षा की दृष्टि से दमकल वाहनों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। इसी बीच महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक सुरक्षा उपाय करते हुए सिलेंडर के लीकेज को दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
गैस रिसाव के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए आसपास मौजूद नागरिकों को भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कुछ समय की मशक्कत के बाद सिलेंडर का लीकेज दुरुस्त कर दिया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली।
वेला ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सचिन इंगले ने बताया कि गोधनी रेलवे क्षेत्र में हुई गैस रिसाव की घटना अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी कि गोटाड पांजरी में दूसरी घटना सामने आ गई। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग, अग्निशमन विभाग, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसीपी हिवरे तथा बेसा नगर पंचायत के मुख्याधिकारी भारत नंदनवार को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी और एमजेपी की टीम मौके पर पहुंची तथा समय रहते रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया। स्थानीय नागरिकों ने सचिन इंगले की तत्परता की सराहना की। नागरिकों का कहना है कि पद पर नहीं होने के बावजूद उन्होंने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रशासन को सूचित किया। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल लीकेज दुरुस्त होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन लगातार सामने आ रही गैस रिसाव की घटनाओं ने जलशुद्धिकरण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और गैस सिलेंडरों की निगरानी को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।