Maharashtra Drought Affected Districts: महाराष्ट्र में मंडरा रहे सूखे के खतरे और बारिश की कमी से फसलों को हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। जमकर मीटिंग हो रही है। आदेश-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को प्रभावित 18 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।
सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में फसलों के नुकसान और जमीनी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत पेश करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि आगामी कैबिनेट बैठक में राहत उपायों पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को प्रभावित 18 जिलों के साथ बैठक में सांसद माया इवनाते, विधायक प्रवीण दटके, मोहन मते, समीर मेघे, चरण सिंह ठाकुर, राजीव पोतदार, पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, मनपा आयुक्त विपिन इटनकर, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
अहिल्यानगर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, धाराशिव, बीड, लातूर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, वाशिम, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर और नंदुरबार।
संतरे की फसल पर रोग: नागपुर और अमरावती जिलों में बादल भरे मौसम के कारण संतरे की फसल पर फफूंद (फंगल) रोग का प्रकोप बढ़ गया है। इससे किसानों को काफी नुकसान होने की संभावनाएं जताई जाने लगी हैं। धाराशिव, बीड और जालना जिलों में मवेशियों के लिए चारे की भारी किल्लत महसूस की जा रही है।
फसलों को भारी नुकसान: मराठवाड़ा में सोयाबीन, कपास, तुअर, हल्दी, उड़द और मूंग, जबकि विदर्भ में मुख्य रूप से कपास, मूंग, उड़द और तुअर की फसलें प्रभावित हुई है।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में इस वर्ष प्याज की बुआई में भारी गिरावट का अनुमान व्यक्त किया गया।
राहत और पुनर्वास के लिए सरकार की योजना राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसदों और विधायकों) के सुझावों को ध्यान में रखकर राहत योजनाएं तैयार की जाएं, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक और प्रशासनिक मदद पहुंचाई जा सके।