नये नागपुर में बिना पानी-सीवरेज लाइन नहीं मिलेगी ले-आउट को मंजूरी; राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का फैसला

New Nagpur Layout Approval: नये नागपुर में अब पानी व सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित होने के बाद ही ले-आउट को मंजूरी मिलेगी। बावनकुले ने अधिकारियों को भविष्य की योजना बनाने के निर्देश दिए।
No layout approval in New Nagpur without water and sewerage lines; decision by Revenue Minister Chandrashekhar Bawankule.
चंद्रशेखर बावनकुले, (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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New Nagpur Layout Approval Water Supply: नये नागपुर में ले-आउट मंजूरी के पूर्व पानी और सीवरेज लाइन की सुविधा विकसित की जाएगी। इन मूलभूत सुविधाओं के विकास के बाद ही लेआउट को मंजूरी दी जाएगी। यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में दी। उन्होंने कहा कि नये नागपुर के विकास के साथ-साथ शहर के आउटर रिंग रोड का निर्माण 2 चरणों में किया जा रहा है।

जहां एक ओर बेहतर सड़क सुविधाएं विकसित की जा रही हैं वहीं दूसरी ओर पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, ड्रेनेज लाइन और नालों की संरचना जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन कर इन सुविधाओं को अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।

NIT-NMRDA की जमीनों का होगा ड्रोन सर्वे

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एनआईटी और एनएमआरडीए के अधीन सभी जमीनों का ड्रोन सर्वेक्षण तथा एमआरसैक की तकनीक के माध्यम से डिजिटल मैपिंग कराई जाए। बैठक में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद सहित अनेय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आपदा में न हो परेशानी बैठक में उन्होंने संभावित अतिवृष्टि की स्थिति में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।

इस दौरान पट्टा वितरण, आपदा प्रबंधन के लिए निधि की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क सड़कों का पंजीकरण, जी-राम-जी योजना के अंतर्गत पौधारोपण, झुड़पी जंगल की जमीनों पर अतिक्रमण हटाने तथा वनराई बंधारों के पुनर्जीवन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित दिशानिर्देश भी दिये।

दीक्षाभूमि का मास्टर प्लान जल्द

महानगर के बढ़ते विस्तार, आकार ले रहे नए नागपुर तथा औद्योगिक एवं पर्यटन क्षेत्र में हो रही प्रगति को ध्यान में रखते हुए भारत रत्न डॉ। बाबासाहब आंबेडकर के अनुयायियों के प्रमुख आस्था-स्थल दीक्षाभूमि के विकास का व्यापक मास्टर प्लान जल्द ही सभी संबंधित पक्षों की सहमति से तैयार करने की जानकारी पालक मंत्री बावनकुले ने दी। एनआईटी में आयोजित बैठक में उन्होंने श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान तीर्थस्थल के विकास तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

दीक्षाभूमि का विकास सभी के सहयोग से होगा: बावनकुले

बैठक में एनआईटी चेयरमैन संजय मीणा, महाप्रबंधक सचिन ढोले तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बाबासाहब ने दीक्षाभूमि के बारे में जो दूरदृष्टि और आस्था व्यक्त की थी, उसका प्रभाव पूरे परिसर में प्रभावी ढंग से दिखाई देना चाहिए।

हर वर्ष लाखों अनुयायी यहां से प्रेरणा लेकर लौटते है। पंचशील के सिद्धांतों और बौद्ध धम्म की शिक्षाओं का प्रभाव भी दीक्षाभूमि परिसर में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। दीक्षाभूमि का विकास जनप्रतिनिधियों, समाज के चितकों तथा संबंधित सभी पक्षों के सहयोग से किया जाएगा, जल्द ही एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।

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