Nagpur Police Ganesh Utsav Sound DJ Rules: आगामी गणेशोत्सव और आगामी त्योहारों के दौरान डीजे तथा साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जारी भ्रम पर नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पुलिस आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा है कि शहर में डीजे या साऊंड सिस्टम पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई गई है। कानून के तहत निर्धारित की गई ध्वनि सीमा के भीतर बजाए जाने वाले साउंड सिस्टम और पारंपरिक ढोल-ताशा या संगीत वाद्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, शांति और जनस्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह विशेष अधिसूचना जारी की गई है। कानून के तहत पुलिस आयुक्त को अधिकतम 60 दिनों के लिए ऐसी अधिसूचना जारी करने का अधिकार होता है। इस अधिसूचना में आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए मल्टीलेयर डीजे, प्लाज्मा, प्रेशर मिड श्रेणी के साउंड सिस्टम के साथ-साथ खतरनाक लेजर और बीम लाइट के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
विश्वास नागरे पाटिल ने तकनीकी अंतर समझाते हुए बताया कि कार्रवाई केवल 'मल्टीलेयर साउंड सिस्टम' और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उपकरणों पर होगी। इन मल्टीलेयर सिस्टम में बेस, मिड और टॉप जैसे तीन स्तर होते हैं। इनमें से अत्यधिक बेस के कारण इतना तीव्र कंपन उत्पन्न होता है, जो बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस ने दोहराया कि कानूनी सीमा में बजने वाले सामान्य साउंड सिस्टम पूरी तरह से अनुमत हैं।
अधिसूचना की समयसीमा पर बात करते हुए पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि हालांकि यह आदेश फिलहाल 60 दिनों के लिए है, लेकिन इसके बाद भी इसका 100% नवीनीकरण किया जाएगा। धार्मिक उत्सवों के विरोध के दावों को खारिज करते हुए नागरे पाटिल ने अपना व्यक्तिगत उदाहरण दिया कि वे स्वयं गणेश टेकडी मंदिर जाते हैं और दिन की शुरुआत गणेश स्तोत्र से करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का विरोध त्योहारों या संगीत से नहीं, बल्कि जनहित में सीमा से अधिक होने वाले ध्वनि प्रदूषण से है।