नागपुर में भारतीय मजदूर संघ का ‘मांग दिवस’ आंदोलन सोर्स: नवभारत फोटो
नागपुर

नागपुर के संविधान चौक पर गरजा भारतीय मजदूर संघ! लंबित मांगों को लेकर देशव्यापी मांग दिवस पर दिया जोरदार धरना

BMS Demand Day: नागपुर में भारतीय मजदूर संघ ने लंबित मांगों को लेकर ‘मांग दिवस’ पर धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों कामगारों ने संविधान चौक पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

अंकिता पटेल

Nagpur BMS Workers Protest: कामगारों व कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने देशव्यापी 'मांग दिवस' आंदोलन किया। इस अवसर पर नागपुर जिला भारतीय मजदूर संघ की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री को विभिन्न मांगों का ज्ञापन भेजा गया।

भारतीय मजदूर संघ की 16वीं केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक 26 से 28 जुलाई के बीच रांची में आयोजित हुई थी। बैठक में देशभर के कामगारों एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए 17 अगस्त को देशव्यापी 'मांग दिवस' मनाने का निर्णय लिया गया था। इसी के चलते संविधान चौक पर सैकड़ों कामगारों की उपस्थिति में दोपहर 3 बजे धरना-प्रदर्शन आंदोलन किया गया।

जोड़ा जाए आयुष्मान भारत योजना से

भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीता चौबे ने कहा कि कामगारों की मांगें केवल वेतन और सेवा शर्तों तक सीमित नहीं हैं बल्कि सामाजिक सुरक्षा, उचित पारिश्रमिक, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, कामगार हितों का संरक्षण तथा कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। इंपीएस-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 से बढ़ाकर 7,500 रुपये की जाए, इसमें महंगाई भत्ता जोड़ा जाए तथा पेंशनधारकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन किया गया। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना के लिए

लागू वेतन सीमा को दोगुना किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, ग्रेच्युटी की गणना 15 दिनों के बजाय 30 दिनों के वेतन के आधार पर की जाए तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा समाप्त करने जैसी मांग भी की गई।

'समान काम, समान वेतन' लागू

कोरोना काल में वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में मिलने वाली 50 प्रतिशत किराया रियायत बंद कर दी गई थी। इसे पुनः शुरू करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है। कंत्राटी कामगारों सहित सभी कर्मचारियों के लिए' समान काम, समान वेतन' लागू करने, बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन में वृद्धि, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान तथा अन्य योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि करने, बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में 5 दिन कार्यप्रणाली लागू करने तथा श्रमिक विरोधी प्रावधानों को समाप्त करने के लिए श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन करने जैसी मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रवींद्र हिमते ने सरकार पर जोरदार प्रहार किया।

कॉर्पोरेशन, 8 इसके अलावा हेवी इंजीनियरिंग कॉरिशस रोची तथा राज्यों लंबित मुद्दों का तत्काल समाधान किया जाए। भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारियों की नौकरी सुरक्षित की जाए तथा उनकी सेवा समाप्ति अथवा वेतन में कटौती न की जाए, ऐसी मांग भी संगठन ने की है। इस अवसर पर वसंतराव पिपलापुरे, रवींद्र हिमते, सी। वी राजेश, चंद्रकांत देशपाडे, वर्षा पुडके, अमित ढोणे, सहास तिवारी सहित अन्य कामगार नेताओं ने मार्गदर्शनपरक भाषण दिए।

कार्यक्रम में विठ्ठल भालेराव, शिवराज सूर्यवंशी, अभिषेक शुक्ल, प्रणय तिवारी, तीर्थराज बडवे, निशीकांत ठोबरे, नितिन बोरवणकर, आरती शास्त्री सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन हर्षल ठोंबरे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सुनीता शंभरकर ने किया।

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