प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

नागपुर जिले की 86 ग्राम पंचायतों में उपचुनाव घोषित: 28 अप्रैल को होगा मतदान, 113 रिक्त पदों पर कड़ा मुकाबला

Gram Panchayat Election News: नागपुर जिले की 86 ग्राम पंचायतों में 113 रिक्त पदों के लिए 28 अप्रैल को उपचुनाव होंगे। आचार संहिता लागू हो गई है और 29 अप्रैल को चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।

रूपम सिंह

State Election Commission News: नागपुर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के अनिश्चितता के माहौल में होने के बीच जिले की 86 ग्राम पंचायतों में उपचुनाव का बिगुल बज गया है। इसके लिए 28 अप्रैल को मतदान और अगले दिन 29 अप्रैल को मतगणना होगी।

इस चुनाव में 18 सरपंचों सहित 95 सदस्यों, कुल 113 रिक्त पदों के लिए मतदान होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। राज्य की ग्राम पंचायतों में सदस्यों तथा सीधे जनता से चुने गए सरपंच पदों की रिक्त सीटों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 17 मार्च को उपचुनाव कार्यक्रम घोषित किया था। निधन, इस्तीफा, अयोग्यता या अन्य कारणों से रिक्त पदों के लिए ये चुनाव कराए जा रहे हैं।

राज्य में 471 सरपंच पद खाली

राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र के अनुसार राज्य की 2,444 ग्राम पंचायतों में सीधे जनता से चुने जाने वाले कुल 471 सरपंच और 3,120 सदस्यों के पद रिक्त हैं। इन सभी पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया चलाई जाएगी। 31 जनवरी 2026 तक रिक्त हुए पदों के लिए ये चुनाव हो रहे हैं। इस चुनाव कार्यक्रम के कारण संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है।

ऐसा रहेगा चुनाव कार्यक्रम

  • 30 मार्च - तहसीलदार द्वारा चुनाव नोटिस जारी
  • 7 से 13 अप्रैल - नामांकन पत्र दाखिल करने की अवधि
  • 15 अप्रैल - नामांकन पत्रों की जांच
  • 17 अप्रैल - नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि, चुनाव चिन्हों का आवंटन एवं अंतिम उम्मीदवार सूची जारी
  • 28 अप्रैल - मतदान (सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)
  • 29 अप्रैल - मतगणना एवं परिणाम घोषित
  • 6 मई - नागपुर जिला कलेक्टर द्वारा परिणाम की अधिसूचना जारी

यह कार्यक्रम चुनाव प्रक्रिया के सभी प्रमुख चरणों को क्रमवार और स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

इन चुनावों के लिए मतदान

  • 28 अप्रैल को सुबह 7.30 बजे से शाम - 5.30 बजे तक होगा।
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में - मतदान का समय दोपहर 3 बजे तक रहेगा।
  • मतगणना 29 अप्रैल को होगी।

आचार संहिता के - दौरान मंत्री, सांसद, विधायक तथा स्थानीय स्वराज - संस्थाओं के पदाधिकारियों को मतदाताओं को - प्रभावित करने वाली किसी भी घोषणा या कार्रवाई  करने पर रोक लगाई गई है।

6 माह में वैधता प्रमाणपत्र अनिवार्य

  • आरक्षित सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों को जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
  • हालांकि, यदि वैधता प्रमाणपत्र उपलब्ध न हो तो संबंधित आवेदन की प्रति प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है।
  • चुनाव जीतने के बाद 6 महीने के भीतर वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं और जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए है।

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