Uddhav Thackeray Speech Garjana Morcha Mumbai: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गर्जना मोर्चा के मंच से केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक पार्टी, व्यक्ति, जाति या धर्म का नहीं है, बल्कि यह देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' नारे का संदर्भ देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें 'मेक इन इंडिया' से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि 'मेक इन इंडिया' के नाम पर देश में तानाशाही का निर्माण किया जाएगा, तो उस तानाशाही को इसी देश की मिट्टी में दफन करने के लिए आज जनता सड़कों पर उतरी है।
गर्जना मोर्चा में जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चुनावी मतदाता सूची में भारी धांधली का मुद्दा उठाया। उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात के भाषणों का हवाला देते हुए आंकड़े पेश किए।
ठाकरे ने बताया कि अकेले महाराष्ट्र में ही लगभग 2 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। पूरे देश का आंकड़ा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं, जो कि पूरे महाराष्ट्र राज्य की कुल जनसंख्या के बराबर है। इसके अलावा तमिलनाडु में 70 लाख और पश्चिम बंगाल में 30 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
पश्चिम बंगाल में चल रहे उपचुनाव का उदाहरण देते हुए ठाकरे ने बताया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, उन्होंने अर्जियां दीं और वे अपने मताधिकार की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई करने के बजाय यह कहकर मामला टाल दिया कि यह केवल एक उपचुनाव ही तो है। तारीख पे तारीख दिए जाने पर सवाल उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव निकल जाने के बाद सुनवाई का क्या औचित्य रहेगा? उन्होंने कहा कि यह पूरी स्थिति इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश की तमाम स्वतंत्र संस्थाओं को किस तरह दबाव और नियंत्रण में ले लिया गया है।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने मांग रखी कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पहले चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए बनी समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते थे।
लेकिन केंद्र सरकार ने मुख्य न्यायाधीश को उस समिति से हटा दिया और उनकी जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री अमित शाह को बैठा दिया। उन्होंने तंज कसा कि अदालतों में सुनवाई पर सुनवाई होती रहती है, लेकिन कोई जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने पूछा कि क्या गृह मंत्रालय के पास किसी नागरिक के वोट देने के अधिकार या नागरिकता अधिकारों को निरस्त करने की शक्ति है, जिसका प्रयोग ज्ञानेश कुमार के माध्यम से किया जा रहा है?
इसीलिए जनता उन्हें इस पद पर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एक समय देश में इंडिया अगेंस्ट करप्शन का आंदोलन चला था, लेकिन आज हालात ऐसे बन चुके हैं कि देश इंडिया अगेंस्ट वोट चोर की लड़ाई लड़ रहा है। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल को सरकार चलाना नहीं आता और वह सुशासन देने के बजाय केवल बदले की राजनीति पर उतर आई है।