आरोपों से घिरीं मीनाक्षी शिंदे का पलटवार; दिशा सालियान केस उठाकर उद्धव और आदित्य ठाकरे पर बोला तीखा हमला

Meenakshi Shinde Statement: प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में घिरीं नेता मीनाक्षी शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने उद्धव और आदित्य ठाकरे पर तीखे हमले किए।
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मीनाक्षी शिंदे और उद्धव ठाकरे(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Meenakshi Shinde Counterattack Aaditya Thackeray: महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (ठाकरे गुट) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हुई दर्दनाक हत्या के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार बताए जाने और तीखे आरोपों से घिरीं शिंदे सेना की नेता और ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपना पक्ष रखा।

हालांकि, अपनी सफाई देने के दौरान मीनाक्षी शिंदे ने पूर्णेकर हत्याकांड पर सीमित बात की और पूरा ध्यान दिशा सालियान केस पर केंद्रित करते हुए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए।

क्या है प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड का पूरा मामला?

ठाणे के मानपाडा (चितलसर) इलाके में शिवसेना (ठाकरे गुट) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर के दफ्तर में घुसकर पांच हमलावरों ने गोलियां चलाकर और कोयते (धारदार हथियार) से वार करके उनकी नृशंस हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पूर्णेकर के परिजनों और समर्थकों ने शिंदे सेना की नेता व पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे तथा उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या का साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया।

मामला तब और गर्म हो गया जब ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप साझा की और दावा किया कि इसमें मीनाक्षी शिंदे की आवाज है। इस कथित क्लिप के आधार पर संजय राउत, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने शिंदे सेना पर हमला बोला तथा मीनाक्षी शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीनाक्षी शिंदे की सफाई

2 अक्टूबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीनाक्षी शिंदे ने कहा कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या एक दुर्दैवी घटना है और वह पीड़ित परिवार के दुख में शामिल हैं। अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दर्ज शुरुआती एफआईआर (FIR) में उनका नाम कहीं नहीं था। बाद में राजनीतिक दबाव के तहत पूरक एफआईआर में उनका नाम जबरन घसीटा गया।

संजय राउत द्वारा जारी की गई ऑडियो क्लिप को खारिज करते हुए मीनाक्षी शिंदे ने इसे AI-जनरेटेड करार दिया। वहीं आरोपियों के साथ अपनी तस्वीरों पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह उसी वार्ड में पली-बढ़ी हैं, इसलिए स्थानीय लोगों के साथ उनकी तस्वीरें होना स्वाभाविक है; इसका मतलब यह कतई नहीं कि वे किसी अपराध में शामिल हैं। राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसते हुए शिंदे ने कहा- बिना किसी सबूत के मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। कल को अगर कोई विमान हायजैक हो जाएगा, तो क्या उसके पीछे भी मीनाक्षी शिंदे का नाम लगा दिया जाएगा?

ठाकरे परिवार पर सीधा प्रहार

पूर्णेकर मामले पर अपनी बात रखने के बाद मीनाक्षी शिंदे पूरी तरह आक्रामक हो गईं और उन्होंने दिशा सालियान की मौत का मुद्दा उठा दिया। अपनी बातचीत में उद्धव ठाकरे का नाम बेहद अनौपचारिक लहजे में लेते हुए उन्होंने संजय राउत और ठाकरे परिवार को कटघरे में खड़ा किया।

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मीनाक्षी शिंदे ने सवाल उठाया

दिशा सालियान भी किसी की बेटी थी। उसके पिता पिछले छह साल से पुलिस स्टेशन और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। उस एफआईआर में आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे का नाम है। आदित्य ठाकरे की गैंग ने उसकी हत्या की थी। मैं संजय राउत से पूछना चाहती हूं कि जब दिशा सालियान की मौत हुई थी, तब क्या उन्होंने आदित्य ठाकरे की गिरफ्तारी की मांग की थी?

उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाया कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने पुलिस का इस्तेमाल करके दिशा सालियान केस को दबाने और सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी। शिंदे ने मांग की कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि उस समय कौन-कौन से सबूत नष्ट किए गए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

ठाणे में बढ़ा राजनीतिक तनाव

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड और उसके बाद मीनाक्षी शिंदे के इन तीखे बयानों से ठाणे में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां ठाकरे गुट इसे एक राजनीतिक हत्या बताकर निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, वहीं शिंदे गुट इसे अपनी साख बचाने की केविलवाणी कोशिश और गंदी राजनीति बता रहा है। फिलहाल कापूरबावडी पुलिस मामले की जांच कर रही है और कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है।

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