महाराष्ट्र के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी एसटी सोर्स: सोशल मीडिया
मुंबई

घाटे की चिंता नहीं, दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी ST, 100 नई बसें शामिल; आदिवासियों और छात्रों को मिलेगी सुविधा

Maharashtra ST Bus Rural Transport: महाराष्ट्र एसटी महामंडल दुर्गम और पहाड़ी इलाकों के लिए 28 सीटों वाली 100 नई मिडी बसें बेड़े में शामिल करेगा। विद्यार्थियों और आदिवासी नागरिकों को मिलेगी राहत।

मनीषा बोंदरे

Maharashtra ST Bus Tribal Areas Bus Service: महाराष्ट्र के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने के लिए एसटी महामंडल के बेड़े में 28 सीटों वाली 100 नई मिडी बसें शामिल की जाएंगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों तक सेवा पहुंचाना प्राथमिकता है।

दुर्गम बस्तियों तक दौड़ेगी लालपरी

मुंबई, महाराष्ट्र के दुर्गम बस्तियों और पहाड़ी क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने के लिए एसटी महामंडल ने नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 28 सीटों वाली पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी 100 मिडी बसें एसटी के बेड़े में शामिल की जाएंगी। इन बसों को ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में चलाया जाएगा, जहां संकरी और पहाड़ी सड़कों के कारण बड़ी बसों की आवाजाही मुश्किल होती है।

नई मिडी बसों के संचालन से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी नागरिकों और विद्यार्थियों को आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें स्कूल-कॉलेज जाने के लिए रोजाना लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।

जल्द बेड़े में शामिल होंगी 100 बसें

परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने कहा कि दुर्गम इलाकों में सेवा पहुंचाने के मामले में आर्थिक घाटा प्राथमिक चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के अंतिम छोर तक एसटी सेवा पहुंचाना महामंडल की प्राथमिकता है।

मंत्री के अनुसार, एसटी वहां, जहां एसटी की जरूरत केवल नारा नहीं, बल्कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने का संकल्प है। राज्य की कई वाडियों और बस्तियों में आज भी विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए तथा आदिवासी नागरिकों को रोजगार, बाजार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।

संकरी सड़कों पर भी पहुंचेगी बस

दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छोटी क्षमता वाली मिडी बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन क्षेत्रों में सड़कें संकरी होने के साथ कई जगह पहाड़ी और चढ़ाई वाले मार्ग भी हैं। ऐसे में मिडी बसों को इन मार्गों के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

एसटी महामंडल का उद्देश्य इन बसों के माध्यम से उन बस्तियों को भी नियमित सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है, जहां वर्तमान में बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे विद्यार्थियों के साथ स्थानीय नागरिकों को रोजगार, बाजार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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