मराठवाड़ा के विकास के लिए नई लड़ाई का समय, पानी-कृषि और रोजगार पर बोले प्रताप सरनाईक ने दिए प्रशासन को निर्देश

Pratap Sarnaik Marathwada Development: मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम समारोह में प्रताप सरनाईक ने पानी, खेती और रोजगार के लिए नई लड़ाई की बात कही। धाराशिव में किसानों और जलसंकट पर प्रशासन को निर्देश दिए।
Pratap Sarnaik Marathwada Development Water Agriculture Employment
मंत्री प्रताप सरनाईक व अन्य(फोटो नवभारत)
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Marathwada Water Agriculture Employment: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने मराठवाड़ा के विकास को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र ने आजादी के लिए संघर्ष किया था।

अब पानी, खेती, रोजगार और समग्र विकास के लिए नई लड़ाई लड़ने का समय है। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब विकास की रोशनी क्षेत्र के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।

17 सितंबर 1948 को मिली मुक्ति

मराठवाड़ा जनविकास परिषद की ओर से आयोजित मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम समारोह में सम्मान स्वीकार करते हुए सरनाईक ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन निजाम की हुकूमत से मराठवाड़ा को 17 सितंबर 1948 को मुक्ति मिली।

इस संघर्ष में अनेक ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया। इसलिए 17 सितंबर केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि उस संघर्ष से विकास की प्रेरणा लेने का अवसर भी है।

सूखाग्रस्त किसानों की पूरी मदद

सरनाईक ने मौजूदा जल संकट और किसानों की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धाराशिव जिले में बारिश की कमी और लंबे बारिश-खंड के कारण पानी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। किसान बीज, खाद और मेहनत के दम पर फसल का सपना बोता है, लेकिन बारिश साथ न दे तो उसके सामने बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि वह किसके भरोसे रहे।

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प्रताप सरनाईक का निर्देश

पालकमंत्री ने कहा कि धाराशिव की स्थिति को केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने प्रशासन को पीने के पानी, पशुओं के लिए पानी और चारे की उपलब्धता, फसलों की जमीनी स्थिति तथा प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जलसंधारण, खेत तालाब, सिंचाई, भूजल संरक्षण, पानी के पुन: उपयोग और उपलब्ध जलस्रोतों के बेहतर नियोजन पर जोर दिया। सरनाईक ने कहा कि जिस मराठवाड़े ने मुक्ति संग्राम का इतिहास रचा, वही अब जलसंधारण और कृषि की नई क्रांति का इतिहास भी रच सकता है।

सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि मराठवाड़े की मिट्टी, स्वतंत्रता सेनानियों, किसानों, महिलाओं और भविष्य का सपना देखने वाले युवाओं का है।

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इन्हें भी मिला सम्मान

समारोह में सांसद नरेश म्हस्के, विधायक संजय केलकर, पद्मश्री श्रीरंग लाड, SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर, परिषद अध्यक्ष अण्णासाहेब टेकाले,पत्रकार अतुल कुलकर्णी, डॉ. मुकुंद अडसूल, डॉ. मंगेश कराड और वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सपाटे सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

पद्मश्री श्रीरंग लाड, अतुल कुलकर्णी, डॉ. महेंद्र कल्याणकर, डॉ. मंगेश कराड और डॉ. मुकुंद अडसूल को ‘मराठवाड़ा रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में ‘मराठवाड़ा बहुजन बुलेटिन’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

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