Mumbai Sion Road Over Bridge Update: मुंबई के सायन फ्लाईओवर के पुनर्निर्माण में एक अहम पड़ाव पूरा हो गया है। करीब 500 टन वजन वाले दो विशाल गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिए गए हैं। अब नए 4 लेन वाले पुल का शेष काम तेजी से किया जा रहा है। इसी के साथ ही सितंबर तक इस पुल को यातायात के लिए खोलने की योजना है। इसके शुरू होने से सायन क्षेत्र के साथ ही पूर्व और पश्चिम के बीच यातायात सुगम होगा। साथ ही लंबे समय से जारी ट्रैफिक जाम से मुंबईकरों को छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
सायन रोड ओवर ब्रिज के पुनर्निर्माण में मध्य रेलवे ने अहम उपलब्धि हासिल की है। करीब 500 टन वजनी दूसरे सेमी-थ्रू स्टील गर्डर की सफल स्थापना के साथ नए पुल के दोनों मुख्य गर्डर दो अलग-अलग तीन घंटे के रात्रिकालीन कॉरिडोर ब्लॉक में स्थापित करने का चुनौतीपूर्ण कार्य पूरा हो गया।
व्यस्त माटुंगा-कुर्ला रेल मार्ग पर यह काम उपनगरीय सेवाओं पर न्यूनतम असर के साथ सटीक योजना और इंजीनियरिंग से किया गया। दोनों गर्डर 54.5 मीटर लंबे है। नागपुर में तैयार किए गए। इन्हें पुल के पूर्वी एप्रोच रोड क्षेत्र में असेंबल करने के बाद हाइड्रोलिक सिस्टम, विंचिंग व्यवस्था, अस्थायी सपोर्ट और अलाइनमेंट जांच के साथ रेल पटरियों के ऊपर स्थापित किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए।
यह परियोजना छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-कुर्ला 5वीं और 6वीं रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। दोनों मुख्य गर्डर स्थापित होने के बाद अब डेक स्लैब, एप्रोच रोड, सड़क सतह और क्रैश बैरियर समेत अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। नए आरओबी का स्पैन करीब 54.5 मीटर होगा, जबकि पुराने पुल का स्पैन लगभग 40 मीटर था। अतिरिक्त रेल लाइनों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने के लिहाज से नए पुल का स्पैन बढ़ाया गया है।
पुराने 40 मीटर लंबे दो-लेन पुल की जगह अब 61 मीटर लंबा चार-लेन आरओबी बनाया जा रहा है। पुल में अलग फुटपाथ और सायन स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी भी होगी।
नए आरओबी के शुरू होने से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एलबीएस रोड और धारावी रोड के बीच पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी बहाल होने की उम्मीद है। पुल शुरू होने के बाद वाहन चालकों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय घटने के साथ ही सायन और आसपास के प्रमुख मागों पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है।
विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बन रहे फ्लाईओवर का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। पुल पर दो स्पैन की कंक्रीट कास्टिंग को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख काम पूरे हो चुके हैं। शेष निर्माण कार्य 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभिजीत बांगर के अनुसार निर्माण पूरा होने के बाद फ्लाईओवर का भार परीक्षण और अन्य आवश्यक तकनीकी जांच की जाएगी। इसके बाद 8 सितंबर के बाद इसे यातायात के लिए खोला जा सकता है।
सायन आरओबी के पुनर्निर्माण की कुल लागत करीब 60 करोड़ रुपए है। इस परियोजना को बीएमसी और सेंट्रल रेलवे मिलकर पूरा कर रहे हैं।
बीएमसी के अतिरिक्त मनपा आयुक्त परियोजना अभिजीत बांगर के अनुसार सायन फ्लाईओवर का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे सितंबर में यातायात के लिए खोलने की योजना है। पहले 15 अगस्त को फ्लाईओवर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, तकनीकी कारणों व रेलवे के मेगा ब्लॉक के चलते इसमें देरी हुई। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद सायन के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।