मुंबई: दक्षिण मुंबई स्थित विधायक हॉस्टल कैंटीन में एक कर्मचारी से कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद पुलिस ने विधायक संजय गायकवाड़ और उनके समर्थक के खिलाफ शुक्रवार को गैर-संज्ञेय (Non-cognizable) धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार सुबह कहा था कि पुलिस को घटना की जांच शुरू करने के लिए औपचारिक शिकायत का इंतजार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
गैर-संज्ञेय मामला छोटे अपराधों में दर्ज किया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस अदालती वारंट के बिना गिरफ्तारी नहीं कर सकती। गायकवाड़ और उनके एक समर्थक ने मंगलवार रात आकाशवाणी एमएलए हॉस्टल कैंटीन में ‘बासी खाना परोसने' के आरोप में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की थी।
बुलढाणा से दो बार के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा कैंटीन कर्मचारी को घूंसा और थप्पड़ मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी से जुड़े गायकवाड़ ने हालांकि खेद व्यक्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इसी तरह का कदम दोबारा उठाएंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित से पूछा था कि क्या वह विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना चाहता है, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज की जांच के बाद एक पुलिस अधिकारी ने विधायक और उनके समर्थक के खिलाफ राज्य की ओर से मरीन ड्राइव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि विधायक संजय गायकवाड़ और उनके समर्थक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक गैर संज्ञेय मामला दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 115 (2) और 3 (5) शामिल हैं।
इस मामले में विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा कि ‘एमएलए’ हॉस्टल के कैंटीन में बासी भोजन परोसे जाने को लेकर एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने का उनका कृत्य भले ही कठोर रहा हो, लेकिन इससे भोजन की गुणवत्ता के मुद्दे पर सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई हुई है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)