शाइना एनसी और उद्धव ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

'राउत की स्क्रिप्ट छोड़ दूसरे संपादक को...', उद्धव के इंटरव्यू पर शाइना का तंज

Shaina NC on Saamana intreview of Uddhav Thackeray : शिवसेना यूबीटी उद्धव ठाकरे के सामना को दिए गए इंटरव्यू की शिवसेना नेता शाइना एनसी ने आलोचना की। उन्होंने इस इंटरव्यू को स्क्रिप्ट बताया।

प्रिया जैस

Shaina NC on Saamana intreviews of Uddhav Thackeray : सामना में शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग राज्य में ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया की राज्य की जनता इस बार महाराष्ट्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए कि अब आयोग निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में है।

उनके इस इंटरव्यू पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने इस इंटरव्यू को एक स्क्रिप्ट बताया। इतना ही नहीं शाइना एनसी ने चैलेंज देते हुए कहा कि उन्हें अपनी मन की बात कहनी है तो सामना को छोड़ किसी और संपादक को इंटरव्यू देकर दिखाए।

बाहरी संपादक को दें इंटरव्यू - शाइना

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, "सामना के इंटरव्यू में सिर्फ़ हताशा झलक रही है। अगर उद्धव ठाकरे वाकई इंटरव्यू देना चाहते हैं, तो उन्हें सामना के बाहर किसी और संपादक के साथ इंटरव्यू लेना चाहिए। संजय राउत की स्क्रिप्ट के मुताबिक़ जवाब देना असली इंटरव्यू नहीं है—ये सिर्फ़ उनकी निजी भावनाएं और दर्द हैं।"

दूसरे संपादक से करे बात - एनसी

शाइना एनसी ने कहा, "अगर वो किसी और संपादक से खुलकर बात करें, तो सच्चाई सामने आ जाएगी कि ठाकरे ब्रांड के तहत क्या काम हुआ, उनका विज़न प्लान क्या था, और उनके कार्यकर्ता इतने नाराज़ क्यों थे कि उन्होंने पार्टी छोड़कर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और जनता के सामने अपने बल पर 80 में से 60 सीटें जीतीं।"

ठाकरे ब्रांड पर बोली शाइना एनसी

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने ठाकरे ब्रांड और गांधी ब्रांड पर भी टिप्पणी की। शाइना एनसी ने कहा, "क्या यह ठाकरे ब्रांड है या गांधी ब्रांड? क्या आपको लगता है कि लोग नाम के आधार पर वोट देते हैं या काम के आधार पर? लोग उन पार्टियों को वोट देते हैं जिन्होंने नतीजे दिए हैं। एनडीए के नेतृत्व में, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, देश भर में जो प्रगति हुई है, उसी के कारण मतदाताओं ने उन्हें चुना है।

महायुति की बात करें तो देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार जैसे नेताओं ने अपने काम से अपनी जगह बनाई है और अपने घरों से बाहर निकलकर लोगों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। बहुत सारी पार्टी है जो घर से चलाते है, लेकिन अब वो जमाना चला गया।"

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