Shaina NC Attacks Rahul Gandhi: शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी ने एंटी-पेपर लीक बिल, वन नेशन, वन इलेक्शन, वंदे मातरम पर चल रही बहस, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े विवाद समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना, तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करना और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातीचीत में शायना एनसी ने कहा कि एंटी-पेपर लीक बिल दोषियों को कड़ी सजा देने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार की नीति पेपर लीक के मामलों में जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट, दोषियों को जेल, भारी जुर्माना, पेपर माफिया के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली की डिजिटल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार युवाओं और नई पीढ़ी के साथ खड़ी है, लेकिन झूठे नैरेटिव और व्यवधान की राजनीति का समर्थन नहीं करती।
शायना एनसी ने आरोप लगाया कि विपक्ष सकारात्मक चर्चा करने के बजाय केवल भ्रम फैलाने और सरकार की पहल को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। यदि कोई पेपर लीक होता है तो उस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष का रवैया केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रतीत होता है।
एक देश, एक चुनाव' के मुद्दे पर शायना एनसी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। इस व्यवस्था से लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की बचत हो सकती है, जो करदाताओं का पैसा है। यदि लगातार पांच वर्षों तक सरकारें बिना चुनावी व्यवधान के काम कर सकें तो शासन और विकास कार्यों में गति आएगी।
वंदे मातरम को लेकर चल रही बहस पर शायना एनसी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्मान दिल से आता है, केवल जुर्माने या जेल के डर से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जब राष्ट्रीय गीत को धार्मिक चश्मे से देखने की कोशिश की जाती है और उसके गायन पर आपत्ति जताई जाती है, तब सरकार को कानून बनाकर लोगों को राष्ट्रीय गीत के प्रति जागरूक और प्रेरित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
वंदे मातरम राष्ट्रवाद, राष्ट्रहित और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। इसे धार्मिक विवाद का विषय बनाने के बजाय राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं।
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राहुल गांधी से जुड़े विवाद पर शायना एनसी ने कहा कि कांग्रेस नेता को नकारात्मक राजनीति छोड़नी चाहिए। राहुल गांधी को बदलते समय और देश की युवा शक्ति को समझना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया।
तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के बजाय राहुल गांधी का वास्तविक परिचय लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा के रूप में हो गया है। केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता और विपक्ष को सकारात्मक राजनीति अपनानी चाहिए।
-एजेंसी की रिपोर्ट से