

Vande Mataram Bill 2026: राज्यसभा के बाद लोकसभा में गुरुवार को वंदे मातरम बिल पास होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि सरकार देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वंदे मातरम बिल भारत की राष्ट्रीयता से जुड़ा हुआ है।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में बिजो इमैनुएल का जजमेंट है। अनुच्छेद 19 और 25 कहता है कि आपकी भारत से मोहब्बत एक गाना गाने से नहीं होती है।
ओवैसी ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को पढ़ लीजिए। संविधान का पहला पन्ना क्या कहता है? विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता की बात करती है। आप किसी को कैसे मजबूर कर सकते हैं कि देवी-देवता की इबादत करो। जो लोग सिख धर्म के हैं, जो एथिस्ट हैं, उनका क्या करेंगे? इस तरह की हरकत इसलिए की जा रही है कि वे इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।
ओवैसी ने कहा कि हसरत मोहानी ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया था। यूसुफ मेहरअली ने क्विट इंडिया का नारा दिया था। हैदराबाद में पहले काला पानी के कैदी मौलवी अलाउद्दीन थे, जो मक्का मस्जिद के इमाम थे। रमजान के महीने में जुमे का खुत्बा देने के बाद उन्होंने लोगों का नेतृत्व किया, उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके साथ तुरेबाज खान भी थे और उनकी लाश दस दिन तक सुल्तान बाजार में लटकाई गई।
उन्होंने कहा कि इन लोगों को आप क्या कहेंगे? इन लोगों ने देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दीं, इन्हें पता ही नहीं है। यह तो उन लोगों को शर्मिंदा कर रहे हैं जिन्होंने देश के लिए सब कुछ कुर्बान किया। कुछ लोगों की नजरों में गोडसे देशभक्त हैं, जबकि हमारी नजर में वह गद्दार है।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने वंदे मातरम बिल पर कहा कि देश में बड़ी मुस्लिम आबादी है, इसलिए उनकी भावनाओं और चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बिल के जरिए सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करना चाहती है। मैं हिंदू समाज से पूछना चाहता हूं कि इससे उनके बच्चों को न रोजगार मिलेगा, न भ्रष्टाचार खत्म होगा, न महंगाई कम होगी या न नीट जैसी समस्याओं का समाधान होगा।
सपा सांसद ने कहा कि यह केवल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। हम मुस्लिम राष्ट्रगान का विरोध नहीं करते हैं। हम उसे गाते हैं, उससे प्यार करते हैं। राष्ट्रगीत में जो शब्द हैं, उससे हमारे धर्म का टकराव होता है। इसलिए हम उसे नहीं गा सकते, इसलिए उसका विरोध है। यही कारण है, इसके अलावा कुछ नहीं।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि बिल को जिस तरह से पास किया गया, वह सही नहीं था। सभी को भरोसे में लिया जाना चाहिए था। वंदे मातरम से किसी को ऐतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि जब संसद में बिल पास हो गया है तो उसे स्वीकार करना ही होगा।
डीएमके की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने कहा कि उन्होंने इसे एक आपराधिक अपराध बना दिया है कि अगर आप किसी सरकारी कार्यक्रम में दूसरे गाने के तौर पर राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' नहीं गाते हैं। तमिलनाडु जैसे कई राज्यों में हमारा अपना राज्य गीत है। 50 से ज्यादा साल से हम अपने राज्य गीत को पहले गाने के तौर पर गाते आ रहे हैं। आज, हमारे राज्य के लोगों के मन में कई राज्य गीतों को तीसरे स्थान पर धकेल दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। जो भी इसका विरोध करना चाहे, कर सकता है। इस बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है। यह भारत के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। भारत की राष्ट्रीयता से जुड़ा हुआ है, भारत की आजादी से जुड़ा हुआ है।
वहीं, राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने कहा कि सबसे पहले, मुझे खुशी है कि वंदे मातरम जो भारत की आजादी की लड़ाई की धड़कन बन गया था, उसे यह पहचान मिली है। इस गीत के शब्दों ने लाखों-करोड़ों भारतीयों को देश की आजादी के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।
एजेंसी इनपुट के साथ...