Sanjay Dina Patil Threat To Journalist: शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस महा-दलबदल का हिस्सा रहे उत्तर पूर्वी मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल शुक्रवार को उस समय अपना आपा खो बैठे, जब पत्रकारों ने उनसे पाला बदलने और उनके पुराने बयानों को लेकर सवाल पूछे। संजय दीना पाटिल की जुबान इस कदर फिसली कि उन्होंने ऑन-कैमरा पत्रकारों को बेहद आपत्तिजनक अपशब्द कहे और उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली।
इस घटना के बाद मुंबई के मीडिया गलियारों और राजनीतिक हलकों में भारी आक्रोश फैल गया है, क्योंकि पाटिल ने यह धमकी वहां तैनात पुलिसकर्मियों के सामने दी। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें प्रेस के सवालों पर अपना आपा नहीं खोना चाहिए।
संजय दीना पाटिल हाल ही में उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। शुक्रवार को जब मीडिया प्रतिनिधि उनके इस फैसले और उनकी बेटी व ठाकरे समूह की पार्षद राजुल पाटिल के राजनीतिक रुख पर सवाल पूछने पहुंचे, तो सांसद भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से बदतमीजी करते हुए कहा, "मेरे मुंह के सामने माइक्रोफोन क्यों लगा रहे हो? तुम वहां गए, यहां आए, फिर यहां आ रहे हो।
ये सब क्यों कर रहे हो?" इसके बाद उन्होंने सीधे धमकी देते हुए कहा, "अगर तुम लोग यहां वापस आए तो मैं तुम्हें मार डालूंगा। इसे अपने कैमरे में रिकॉर्ड करो, तुम सिर्फ मेरे गांव पर उंगली उठा रहे हो। मैं पुलिस के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं, तुम्हें जो चाहे वो करो।"
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दरअसल, यह पूरा विवाद संजय दीना पाटिल के एक बेहद विवादित और शेखी बघारने वाले बयान के बाद शुरू हुआ। कुछ दिन पहले ठाकरे समूह के नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा था, "जो भी मेरे रास्ते में आएगा, मैं उसे या तो अस्पताल भेजूंगा या श्मशान घाट। हमने एक बार एक परिवार के 5 लोगों को मार डाला था।" इस भयानक बयान के बाद ठाकरे समूह के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को एक आधिकारिक पत्र लिखकर दीना पाटिल के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जब मीडिया इसी शिकायत पर पाटिल की प्रतिक्रिया लेने गया, तो वे आगबबूला हो गए और अपनी छाती पीटते हुए बोले, "मैंने खुलकर बोल दिया है, जो भी कार्रवाई और जांच होनी है, मैं उसके लिए तैयार हूं।"
अपने पांच लोगों की हत्या वाले बयान पर सफाई देते हुए संजय दीना पाटिल ने कहा कि जिस घटना की उन्होंने बात की थी, वह उनके जन्म से पहले हुई थी। उन्होंने संजय राउत पर भी तीखा पलटवार करते हुए कहा, "मैंने हमेशा संजय राउत का सम्मान किया है। लेकिन जब मैं 2004 में शिवसेना के लीलाधर डाके के खिलाफ और बाद में किरीट सोमैया के खिलाफ चुनाव जीता, तब संजय राउत ने खुद मेरी गुप्त मदद की थी। क्या वह शिवसेना के साथ विश्वासघात नहीं था?" पाटिल ने आगे दावा किया कि उनके इस आक्रामक रुख से उपमुख्यमंत्री नाराज नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "शिंदे साहब ने मेरे बयान पर कोई नाराजगी नहीं जताई, बल्कि उन्होंने मेरी तारीफ की है। मैं पुरुषों के साथ गया हूं और वे पुरुषों का सम्मान करना जानते हैं। मुझे सुरक्षा के लिए 10 लोगों की जरूरत नहीं है, मैं जनता के दिल पर राज करता हूं।"