संजय राउत का संजय पाटिल पर तीखा हमला, लगाया 55 करोड़ की गद्दारी का आरोप, बंदूक वाले एक्शन को बताया नाटक

Maharashtra Politics News: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बागी सांसद संजय पाटिल पर ₹55 करोड़ के लेन-देन का आरोप लगाया। पाटिल के बंदूक वाले एक्शन को नाटक बताते हुए कहा- ईडी की रडार पर है मामला।
Sanjay Raut slams rebel MP Sanjay Patil over his gun gesture, alleging a ₹55 crore deal behind his defection to the Shinde faction and claiming it's under ED radar.
संजय राउत, सांसद संजय पाटिल ,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Politics Sanjay Raut: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए बागी सांसद संजय पाटिल पर तीखा हमला बोला है। पाटिल द्वारा हाल ही में सार्वजनिक कार्यक्रम में बंदूक चलाने की शैली में किए गए इशारे और आक्रामक तेवरों को लेकर राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिवसेना ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं है।

मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने पाटिल के व्यवहार को महज एक राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि बंदूक का एक्शन दिखाकर डराने या दबाव बनाने की कोशिश सफल नहीं होगी। शिवसेना संघर्षों से निकली पार्टी है और इस तरह की हरकतों से उसके कार्यकर्ता विचलित नहीं होंगे।

बेटी के टिकट के लिए किया नाटक

राउत ने इस दौरान संजय पाटिल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी से बगावत करने के दौरान करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ था। राउत के अनुसार, पाटिल को 13 तारीख को 15 करोड़ रुपये और 14 तारीख को 5 करोड़ रुपये मिले, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में पार्टी के व्हिप की अवहेलना की। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बाद में 35 करोड़ रुपये और दिए गए तथा इस पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर है।

हालांकि, राउत ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया। वहीं, संजय पाटिल की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राउत ने पाटिल की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी को चुनावी टिकट दिलाने के लिए पाटिल ने पूरी ताकत लगा दी थी और इसके लिए उन्होंने अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा तक दांव पर लगा दी। राउत का आरोप है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण उन्होंने पार्टी और नेतृत्व के साथ विश्वासघात किया।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों से पहले ऐसे आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक माहौल को और गर्माने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हलकों में राउत के आरोपों और पाटिल की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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