Saamana Editorial Marathi vs Gujarati Controversy (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

उतर गया बीजेपी का 'मराठी मुखौटा', श्मशान में गुजराती रशीद पर शिवसेना UBT का सामना में प्रहार

Saamana Editorial Marathi vs Gujarati Controversy: शिवसेना (UBT) ने 'सामना' में घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीद जारी होने पर आपत्ति जताई है और इसे मराठी का अपमान बताते हुए भाजपा को घेरा है।

अनिल सिंह

Ghatkopar Crematorium Gujarati Receipt Issue: मुंबई की राजनीति में भाषाई अस्मिता का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए महायुति सरकार और विशेषकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ताजा विवाद का केंद्र बना है घाटकोपर स्थित हिंदू श्मशान घाट, जहाँ मृत्यु पंजीकरण की रसीदें कथित तौर पर गुजराती भाषा में जारी की जा रही हैं। शिवसेना ने इसे 'मराठी अस्मिता' का अपमान करार देते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा का 'मराठी मुखौटा' उतर गया है और अब मुंबई पर दूसरी भाषा थोपने की कोशिश की जा रही है।

संपादकीय में सवाल उठाया गया है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में, जहाँ आधिकारिक कामकाज मराठी और अंग्रेजी में होना अनिवार्य है, वहां श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर गुजराती रसीदें किसके आदेश पर शुरू की गईं? लेख में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

घाटकोपर श्मशान घाट और रसीद विवाद

'सामना' के अनुसार, घाटकोपर के हिंदू श्मशान घाट में पिछले कुछ दिनों से आधिकारिक चिह्नों वाली रसीदें गुजराती में वितरित की जा रही हैं। महानगरपालिका (BMC) के नियमों के मुताबिक, सभी प्रमाण पत्र और रसीदें केवल मराठी और अंग्रेजी में ही होनी चाहिए। लेख में उल्लेख किया गया है कि चूंकि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान मेयर रितु तावडे कर रही हैं, इसलिए इस भाषाई उल्लंघन पर उनकी चुप्पी संदेहास्पद है। शिवसेना का तर्क है कि जन्म से लेकर मृत्यु तक महाराष्ट्र में मराठी को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए, अन्यथा यह राज्य की भाषाई स्वायत्तता पर प्रहार है।

भाजपा पर 'मराठी विरोधी' होने का आरोप

सामना संपादकीय में भाजपा की आलोचना करते हुए कहा गया है कि वोट मांगने के लिए भाजपा नेता 'मराठी प्रेम' का ढोंग करते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही उनका असली एजेंडा सामने आ जाता है। लेख में तंज कसा गया है कि यदि विधानसभा में मुख्यमंत्री मराठी की अनिवार्यता की बात करते हैं, तो जमीन पर गुजराती भाषा को बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है? शिवसेना ने चेतावनी दी है कि रेलवे प्लेटफॉर्म, सड़कों के नाम और अब श्मशान घाटों में गुजराती का बढ़ता प्रभाव मराठी भाषा के अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी है।

शिवाजी महाराज और ठाकरे की विरासत का हवाला

लेख में छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और बालासाहेब ठाकरे की विरासत का स्मरण कराते हुए कहा गया कि मुंबई की मिट्टी में मराठी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि संपादकीय में गुजराती साहित्य और संस्कृति के योगदान को स्वीकार किया गया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी भाषा की कीमत पर मराठी की उपेक्षा स्वीकार्य नहीं है। शिवसेना (UBT) ने इस मुद्दे को लेकर आगामी निगम सत्र में कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं और मांग की है कि इन रसीदों को तुरंत वापस लेकर मराठी में जारी किया जाए।

BRICS Summit 2026 LIVE: BRICS समिट का आगाज, पीएम मोदी बोले- हम किसी के विरुद्ध नहीं, लेकिन बदलाव जरूरी

BRICS किसी के खिलाफ नहीं, UNSC में रिफॉर्म को अब टाल नहीं सकते; PM मोदी का दुनिया को संदेश

BRICS Summit 2026: भारत पहुंचे शी जिनपिंग; PM नरेंद्र मोदी की इथियोपिया-मलेशिया के साथ बैठक

ईरान से रिश्तें न बिगाड़े प्रधानमंत्री, मोदी-पेजेशकियान मुलाकात पर बोले प्रमोद तिवारी, कहा- चीन से समझौता नहीं

BRICS Summit: शी जिनपिंग के साथ दो प्रभावशाली नेताओं की नई दिल्ली में मौजूदगी, कौन हैं काई ची और वांग यी?