Rohit Pawar Absent NCP Core Committee Meeting: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य के सियासी गलियारों में एक बार फिर अटकलों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। शनिवार, 29 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय कोअर कमेटी की बैठक संपन्न हुई।
लेकिन इस पूरी बैठक पर पार्टी के युवा विधायक रोहित पवार की अनुपस्थिति का साया पूरी तरह मंडराता रहा। हाल के दिनों में रोहित पवार की कांग्रेस पार्टी से बढ़ती नजदीकियों की चर्चाएं जोरों पर हैं, और ऐसे नाजुक समय पर उनका इस महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बनाना कई बड़े राजनीतिक इशारे कर रहा है।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा बेहद तेज है कि रोहित पवार पिछले कुछ समय से पार्टी के कुछ नीतिगत फैसलों और रणनीतियों से असहज महसूस कर रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। उनकी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के साथ बढ़ती निकटता ने इन अटकलों को और हवा दे दी है कि वे जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
इसके अलावा, सूत्रों का यह भी कहना है कि रोहित पवार का भाजपा के साथ हाथ मिलाने या NDA गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर कड़ा विरोध रहा है। ऐसे में जब पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के लिए शरद पवार की अध्यक्षता में कोअर कमेटी जुटी, तो रोहित पवार की गैरहाजिरी ने बगावत के कयासों को जन्म दे दिया।
इस पूरे विवाद और चर्चाओं के बीच, विधायक रोहित पवार ने पार्टी सुप्रीमो शरद पवार को एक पत्र लिखकर अपनी अनुपस्थिति पर सफाई देने की कोशिश की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि उन्हें कोअर कमेटी की बैठक का निमंत्रण मिला था और वे इसमें शामिल होना भी चाहते थे। हालांकि, उन्होंने अनुपस्थित रहने की वजह बताते हुए कहा कि लगभग छह महीने पहले ही उनके कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तिगत कामों के लिए एक विदेश दौरा पहले से तय हो चुका था।
रोहित पवार के अनुसार, उन्होंने इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए अपने इस विदेश दौरे को टालने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से वे ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने शरद पवार से बैठक में अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी और साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि बैठक में पार्टी द्वारा जो भी फैसला लिया जाएगा और जो भी मार्गदर्शन मिलेगा, वह उन्हें पूरी तरह मान्य होगा। उन्होंने इस बात की पूर्व सूचना प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे को भी दे दी थी।
दूसरी तरफ, बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पार्टी में किसी भी तरह की टूट या प्रतिद्वंद्वी अजित पवार गुट के साथ विलय की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने साफ तौर पर कहा, दोनों गुटों के विलय या फिर एनडीए में शामिल होने को लेकर हमारे सामने न तो कोई चर्चा हुई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है। हमारा पूरा ध्यान पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर है। शिंदे ने घोषणा की कि अक्टूबर महीने से पार्टी राज्यव्यापी दौरे शुरू करेगी, जिसमें युवाओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कोअर कमेटी बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड, हर्षवर्धन पाटील, अनिल देशमुख, पूर्व विधायक अशोक पवार, राजेंद्र शिंगणे और सांसद निलेश लंके जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे।
बैठक में न केवल संगठन को मजबूत करने पर बात हुई, बल्कि राज्य की महायुति सरकार पर भी चौतरफा हमला बोला गया। पार्टी ने मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल के फिर से शुरू हुए अनशन, आदिवासी छात्रों के आंदोलन, नासिक कुंभ मेला भर्ती घोटाले और पनवेल में मतदाता सूची में हेरफेर की कथित साजिश जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
भले ही रोहित पवार ने विदेश दौरे की आधिकारिक वजह बताई हो, लेकिन महाराष्ट्र की पल-पल बदलती राजनीति में इस फॉरेन ट्रिप और कांग्रेस प्रेम को लेकर कयासों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।