

FDA Online Portal 7005 Funny Complaints: महाराष्ट्र के बेबाक और दबंग अधिकारी तुकाराम मुंढे इन दिनों एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय और अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले मुंढे फिलहाल महाराष्ट्र के FDA को पूरी मुस्तैदी से दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
लेकिन उनके इस सख्त अभियान के बीच कुछ बेहद ही मजेदार और अजीबोगरीब मामले सामने आए हैं, जिन्होंने विभाग के अधिकारियों का सिर चकरा दिया है।
FDA ने लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर लोग घर बैठे ही भोजन और दवाओं की सुरक्षा से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और अपनी शिकायत का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।
सुविधा तो लोगों की भलाई के लिए दी गई थी, लेकिन लोगों ने इसका इस्तेमाल अपनी कुछ घरेलू और अनोखी शिकायतों के लिए भी करना शुरू कर दिया है।
इस ऑनलाइन पोर्टल पर आई शिकायतों में से एक शिकायत ने सबको हैरान और लोटपोट कर दिया। एक शख्स ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए लिखा साहब, मेरी पत्नी ने मुझे सुबह के नाश्ते में रात का बचा हुआ बासी चावल खाने को दे दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई; एक अन्य नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर के ठीक बगल में शराब की दुकान है।
इस तरह की घरेलू और अतरंगी शिकायतों ने भले ही अधिकारियों को हैरत में डाल दिया हो, लेकिन इसने इस पोर्टल को सुर्खियों में ला दिया है।
घर बैठे शिकायत दर्ज करने की इस अनूठी ऑनलाइन व्यवस्था के शुरू होने के बाद से शिकायतों की मानो बाढ़ आ गई है। पिछले महज दो महीनों के भीतर इस पोर्टल पर कुल 7,005 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
हालांकि, प्रशासन केवल अचरज में नहीं पड़ा है, बल्कि इन शिकायतों पर तेजी से काम भी कर रहा है। प्राप्त शिकायतों में से 2,809 शिकायतों की पूरी जांच कर उनका सफलतापूर्वक निपटारा भी कर दिया गया है।
अजीबोगरीब शिकायतों के इतर, तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में एफडीए गंभीर मामलों पर बिजली की गति से सख्त कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में एफडीए ने पुणे में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग ने पुणे जिले के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के मुख्य वेयरहाउस का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया है।
यह कड़ी कार्रवाई कंपनी द्वारा रिएक्टिन प्लस टैबलेट्स के स्टोरेज, पैकेजिंग और बाजार से दवाओं को वापस बुलाने की प्रक्रिया में पाई गई बेहद गंभीर अनियमितताओं के कारण की गई है।
साफ है कि जहां एक तरफ तुकाराम मुंढे का कड़ा रुख मिलावटखोरों और लापरवाह कंपनियों को सुता की तरह सीधा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनका शिकायत पोर्टल लोगों की अजीबोगरीब और घरेलू परेशानियों को बयां करने का जरिया भी बन चुका है।