Ram Kadam On Election Commission Controversy: चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगातार खड़े किए जा रहे सवालों पर भाजपा नेता राम कदम ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन बिना ठोस सबूत और दस्तावेजों के देश की संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उंगली उठाना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए राम कदम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के बाकी नेताओं को यह भली-भांति समझना चाहिए कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, न कि कोई राजनीतिक संगठन। यदि किसी को SIR या मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कोई शिकायत या आपत्ति है, तो उन्हें हवा में बातें करने के बजाय जनता और चुनाव आयोग के सामने पुख्ता प्रमाण पेश करने चाहिए।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के SIR को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में मौजूद है, तो उसे हटाने की प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
राम कदम ने महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई इलाकों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए। महाराष्ट्र की कुल 358 तहसीलों में से करीब 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति है और राज्य का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इससे प्रभावित है। किसानों को भरोसा है कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर हो रहे आरोप-प्रत्यारोप पर राम कदम ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए और मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। घटना के बाद सामने आई परिस्थितियां और आरोपों की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उससे जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
राम कदम के कहा कि परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन, कुछ राजनीतिक दल इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल जरूरी है कि जांच पूरी होने दी जाए और तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।