Raj Thackeray On Third Mumbai Land Acquisition: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'तीसरी मुंबई' परियोजना को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार इस विशाल प्रोजेक्ट से जुड़ी वास्तविक योजनाओं की जानकारी जनता से छुपा रही है और लोगों को अंधेरे में रख रही है।
राज ठाकरे ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस नए शहर के निर्माण के लिए जमीन तो महाराष्ट्र के स्थानीय लोग देंगे, लेकिन इसका वास्तविक लाभ बाहरी लोग और अन्य राज्यों के युवा उठाएंगे।
राज ठाकरे ने दावा किया कि आम लोगों को 'तीसरी मुंबई' के बारे में सरकार की योजनाओं की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित शहर में एजुकेशन सिटी, मेडिकल सिटी, स्पोर्ट्स सेंटर, 'डेटा सेंटर', 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' और अनुसंधान केंद्र जैसी सुविधाएं होंगी।
तीसरी मुंबई को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र को पता है कि सरकार का क्या करने का इरादा है? क्या हमारे युवा इसके लिए तैयार है? रायगड के पेन, पनवेल और उरण तालुका के स्थानीय लोगों से जमीन ली जा रही है। क्या सरकार युवाओं को इस नए शहर के राज्य सरकार स्थानीय लोगों के लिए क्या कर लिए तैयार कर रही है?
दूसरी ओर, अन्य राज्यों को पता है कि यहां क्या हो रहा है। वे अपने युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र के लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि तीसरी मुंबई में क्या हो रहा है। जमीन के संदिग्ध सौदों की ओर इशारा करते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि केवल जमीन से खरीद-फरोख्त का कारोबार हो रहा है।
'तीसरी मुंबई' या 'करनाला साई चिरनेर (KSC) न्यू टाउन' महाराष्ट्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी नियोजित स्मार्ट सिटी परियोजना है।
क्षेत्रफल और दायरा: यह नया शहर तटीय रायगड जिले के पेन, पनवेल और उरण तालुका के लगभग 124 गांवों के 323 से 334 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत इलाके में फैला होगा।
उद्देश्य: इस नए शहर को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगातार बढ़ रही भीड़-भाड़ को कम करना, बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और इस तटीय क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेज गति देना है।
प्रमुख सुविधाएं: प्रस्तावित शहर में इंटरनेशनल एजुकेशन सिटी, एडवांस्ड मेडिकल सिटी, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और विश्वस्तरीय अनुसंधान केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित करने का खाका तैयार किया गया है।
कनेक्टिविटी: इसकी लोकेशन बेहद रणनीतिक है। यह शहर अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक - MTHL) और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इन्फ्लुएंस जोन के बिल्कुल करीब है, जिससे इसे बेहतरीन वैश्विक और स्थानीय कनेक्टिविटी मिलेगी।
MMRDA को मिली कमान: तीसरी मुंबई प्रोजेक्ट को विकसित करने की जिम्मेदारी मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को सौंपी गई है। इसके लिए इसे 'न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी' (NTDA) घोषित किया गया है।