Pradeep Purnekar Murder Case Pappya Shinde Police Custody: शिवसेना (यूबीटी) विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब मुख्य आरोपी के वकील ने भी पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं।
ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की भूमिका की जांच की मांग शिवसेना (यूबीटी) पहले से करती रही है। अब आरोपी के वकील ने भी अदालत में कहा कि मृतक के पुत्र राम पूर्णेकर के पूरक बयान में जिन राजनीतिक लोगों का उल्लेख है, उनकी दिशा में जांच क्यों नहीं की जा रही है।
मामले के मुख्य आरोपी पप्या शिंदे को सोमवार को ठाणे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 9 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने अदालत में दावा किया कि हत्या से करीब 10 दिन पहले पप्या शिंदे और अन्य आरोपियों के बीच मोबाइल फोन पर लगभग 150 बार बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार, यह जानकारी कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब इन कॉल्स की अवधि, समय और आरोपियों के बीच हुई बातचीत के संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी के वकील ने राम पूर्णेकर के पूरक बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि उसमें जिन राजनीतिक व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनकी भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है। इस सवाल के बाद मामले की जांच के दायरे को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे के खिलाफ जांच की मांग कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोप की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
मानपाड़ा में प्रदीप पूर्णेकर की शोक सभा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं के बाद सरकार की ओर से घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
जाधव ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस की पहले अलग साख थी, लेकिन अब लोगों में पुलिस का डर कम हुआ है। उन्होंने सीआईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। जाधव ने कहा कि ऐसी स्थिति में नागरिकों को ही व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी।