नागपुर MLC चुनाव: बागी अनिल सोले को मनाने पहुंचे BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, परिवार ने सुनाई खरी-खोटी

Nagpur MLC Election: नागपुर स्नातक सीट पर बीजेपी में बगावत तेज! बागी उम्मीदवार अनिल सोले को मनाने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को परिजनों के भारी गुस्से और तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।
Anil Sole BJP Rebel
अनिल सोले, BJP प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण सोर्स- सोशल मीडिया
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 Anil Sole BJP Rebel: नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर बगावत और आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई है। भाजपा से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले पूर्व MLC और वरिष्ठ नेता अनिल सोले को मनाने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण पहुंचे।

लेकिन उन्हें परिवार वालों के गुस्से का सामना करना पड़ा। परिवार वालों ने जमकर 'शोले' बरसाये। चव्हाण को खाली हाथ वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। अनिल सोले तो घर पर नहीं थे लेकिन परिवार वालों ने चव्हाण को जमकर सुनाई और उन्हें बैरंग ही लौटने के लिए मजबूर कर दिया।

प्रदेश अध्यक्ष चव्हाण परिजनों से बात करने की कोशिश

अनिल सोले की उम्मीदवारी वापस कराने और उन्हें मनाने के लिए राज्य भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण अचानक सोले के नागपुर स्थित आवास पर पहुंचे थे। उनके साथ स्थानीय विधायक कृष्णा खोपड़े, राजू पोतदार और शिवानी दाणी भी मौजूद थीं।

उस समय अनिल सोले घर पर उपस्थित नहीं थे। जब प्रदेश अध्यक्ष ने परिजनों से बात करने की कोशिश की तो सोले के परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने रवींद्र चव्हाण और उनके साथ आए नेताओं को जमकर खरी-खोटी सुनाई तथा तीखे सवालों की बौछार कर दी।

अनिल सोले पिछले 50 वर्षों से निस्वार्थ भाव से BJP में

50 सालों की निष्ठा का यह कैसा सिला नाराज परिजनों ने प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के सामने अपना दर्द और आक्रोश जताते हुए कहा कि अनिल सोले पिछले 50 वर्षों से निस्वार्थ भाव से भाजपा की सेवा कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने में उन्होंने कभी किसी पद की अपेक्षा नहीं की।

पार्टी ने भी उन्हें समय-समय पर जिम्मेदारी और सम्मान दिया है। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब लगभग 6 महीने पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आशीर्वाद सोले को मिल चुका था तो फिर अंतिम समय में उनका टिकट आधार पर और क्यों काट दिया गया।

Anil Sole BJP Rebel
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भाजपा के लिए खड़ी हुई बड़ी चुनौती

अनिल सोले नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 'मास्टर' माने जाते * हैं। वे इस सीट से पहले भी चुनाव जीत चुके हैं और क्षेत्र के मतदाताओं व कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ अनिल सोले का मैदान में डटे रहना और चुनाव लड़ना भाजपा के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द बनने जा रहा है। अगर सोले अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेते हैं तो इस सीट पर भाजपा के वोटों में बड़ा बिखराव हो सकता है जिससे पार्टी की राह बेहद कठिन हो जाएगी।

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