Operation Tiger Maharashtra Bharat Gogawale: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ी हलचल और बड़े सियासी उलटफेर के संकेत मिलने लगे हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बिंदु बना है शिंदे सेना का कथित ऑपरेशन टाइगर, जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायकों को तोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस पूरे सियासी ड्रामे और चर्चाओं पर रायगढ़ के नवनियुक्त पालकमंत्री और शिंदे गुट के कद्दावर नेता भरत गोगावले ने एक बेहद ही सूचक और रहस्यमयी बयान देकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
जब मीडिया ने भरत गोगावले से ठाकरे गुट के 14 विधायकों को तोड़ने और ऑपरेशन टाइगर के सच के बारे में सीधे सवाल पूछे, तो उन्होंने बहुत ही चतुराई से जवाब दिया। उन्होंने एक प्रसिद्ध कहावत का सहारा लेते हुए कहा, कुछ चीजें बंद मुट्ठी सवा लाख की जैसी होती हैं, सब कुछ पहले ही उजागर नहीं करना चाहिए्।
उन्होंने आगे एक बड़ा संकेत देते हुए कहा कि जब यह ऑपरेशन पूरी तरह से सफल हो जाएगा, तब खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। उन्होंने मुस्कुराते हुए मीडिया से यह भी कहा, आप सभी तो जानते ही हैं कि हमारे शिंदे साहब का काम करने का तरीका कैसा है।
भरत गोगावले को हाल ही में रायगढ़ का पालकमंत्री नियुक्त किया गया है, लेकिन इस नियुक्ति के पीछे भी एक लंबा राजनीतिक संघर्ष रहा है। अपनी नियुक्ति पर चुटकी लेते हुए गोगावले ने एक मजेदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा, रायगढ़ के पालकमंत्री पद की डिक्लरेशन करवाने के लिए मुझे आगरा जाना पड़ा था।
दरअसल, पिछले कई महीनों से रायगढ़ के पालकमंत्री का पद खाली पड़ा हुआ था। इस पद पर दावेदारी को लेकर महायुति के भीतर शिंदे सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच भारी खींचतान और श्रेय लेने की होड़ मची हुई थी। इससे पहले शिंदे सेना के विधायक महेंद्र दलवी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के सांसद सुनील तटकरे पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पिछले डेढ़ साल से इस पालकमंत्री पद को अटका कर रखा था।
पालकमंत्री बनने के बाद गोगावले ने अपने कार्यकाल में सभी को साथ लेकर चलने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह सभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और अधिकारियों को एक साथ लेकर बेहतर काम करना चाहते हैं, जिसे राजनीतिक हलकों में अप्रत्यक्ष रूप से सांसद सुनील तटकरे पर एक तीखा तंज माना जा रहा है।
अब महाराष्ट्र की राजनीति में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि भरत गोगावले का यह ऑपरेशन टाइगर सचमुच उद्धव ठाकरे के गुट को एक और बड़ा झटका देता है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाता है।