मुंबई-गोवा महामार्ग चौड़ीकरण देरी को लेकर नितिन गडकरी नाराज (सोर्स : सोशल मीडिया)
मुंबई

मुंबई-गोवा महामार्ग के काम में देरी पर मुझे शर्म आती है, नितिन गडकरी नाराज, बोले- उद्घाटन में नहीं आऊंगा

Nitin Gadkari Mumbai-Goa Highway: मुंबई-गोवा महामार्ग के चौड़ीकरण में हो रही देरी पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।

मनीषा बोंदरे

Nitin Gadkari on Mumbai-Goa Highway Delay: मुंबई-गोवा महामार्ग के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में हो रही देरी पर उन्हें शर्म आती है। मूल रूप से यह काम 2016 तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन करीब 15 साल बाद भी परियोजना पूरी तरह पूरी नहीं हो सकी है। गडकरी ने स्पष्ट कहा कि महामार्ग का काम पूरा होने के बाद वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।

नितिन गडकरी ने जताई नाराजगी

पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड मार्ग के उद्घाटन समारोह के दौरान नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा महामार्ग के काम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजना को तय समय के भीतर पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन लगातार देरी के कारण काम लंबा खिंचता गया। गडकरी ने यह भी कहा कि वह ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं, जो सड़क निर्माण का काम निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार पूरा नहीं करते।

2011 में शुरू हुआ था काम

मुंबई-गोवा महामार्ग के चौड़ीकरण का काम वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। करीब 440 किलोमीटर के इस हिस्से को लंबे समय से पूरा करने का प्रयास जारी है। हालांकि परियोजना का लगभग 94 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया गया है, लेकिन कई हिस्सों में अभी भी काम और सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। सड़क पर गड्ढे, जलभराव, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।

2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था

मुंबई-गोवा महामार्ग को वर्ष 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि भूमि अधिग्रहण, निर्माण से पहले मिलने वाली मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण परियोजना में बार-बार देरी हुई। वर्ष 2024 में केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि भूमि अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक परेशानियां भी परियोजना में देरी के प्रमुख कारणों में शामिल थीं।

गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल

महामार्ग के निर्माण और रखरखाव को लेकर गुणवत्ता तथा सुरक्षा के सवाल भी सामने आते रहे हैं। वर्ष 2021 में महामार्ग पर बनाया गया एक फ्लाईओवर ढह गया था, जिसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। वहीं, खारपाड़ा टोल प्लाजा पर मई में टोल वसूली शुरू होने के बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी हैं।

पर्यटन और कारोबार के लिए अहम मार्ग

मुंबई-गोवा महामार्ग महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र को मुंबई और गोवा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। महाराष्ट्र में इसकी लंबाई करीब 460 किलोमीटर बताई जाती है। यह मार्ग न केवल यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कोंकण के पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए भी काफी अहम माना जाता है।

ठेकेदारों पर कार्रवाई का संकेत

नितीन गडकरी ने सड़क निर्माण में खराब गुणवत्ता को लेकर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में खराब गुणवत्ता के लिए 103 ठेकेदारों और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दंडित किया गया है। मुंबई-गोवा महामार्ग को लेकर उनके बयान से साफ है कि परियोजना में देरी और गुणवत्ता के मुद्दे पर सरकार अब और सख्ती बरतने के संकेत दे रही है।

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